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शिवांगी के परिवार में जश्न, पिता बोले बेटी ने मान बढ़ाया

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वाराणसी। काशी की बेटी शिवांगी सिंह बहुत जल्द राफेल विमान उड़ाएंगी। वह देश की पहली महिला फ्लाइंग लेफ्टिनेंट हैं। बेटी की उपलब्धि पर परिवार ने मिठाई बांट कर खुशी जताई। पिता कुमारेश्वर सिंह ने कहा कि बिटिया ने मान बढ़ाया है। इसे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब बस बिटिया को राफेल उड़ाते देखने का सपना है वो भी बाबा विश्वनाथ की कृपा से पूरा हो जाएगा।
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राफेल उड़ाने के लिए चयन होने के बाद शिवांगी सिंह के फुलवरिया स्थित घर में जश्न का माहौल है। परिवार के लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। घर में सुबह से ही बधाइयां मिल रही हैं। शिवांगी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में 2013 में यूपी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मां सीमा सिंह ने बताया कि बेटी ने जो सपना देखा था उसे पूरा किया। 16 दिसंबर 2017 को ही हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में उसे फाइटर पायलट का तमगा मिला था। इसी रविवार को बेटी से बात हुई। उसके बाद से उससे कोई बात नहीं हुई।
बहन से मिली प्रेरणा, सेना में जाना भाई का सपना
फ्लाइंग लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह के छोटे भाई मयंक का सेना में जाने का सपना है। बातचीत में मयंक ने बताया कि बहन को एनसीसी कैडेट से लेकर वायु सेना में चयन होने के बाद वर्दी पहन कर देखने के बाद से ही उसने सेना की वर्दी पहनकर सेवा करने की ठानी है और इसके लिए तैयारी भी कर रहा है। डब्ल्यू एच स्मिथ स्कूल से 12वीं के छात्र मयंक ने बताया कि इंटरमीडिएट के बाद एनडीए के माध्यम से देश सेवा करने का सपना पूरा करेगा।
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बास्केटबॉल में नेशनल चैंपियन हैं शिवांगी
शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि शिवांगी पढ़ाई में मेधावी रहने के साथ ही उसने एनसीसी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही बास्केटबॉल की नेशनल खिलाड़ी का भी गौरव हासिल किया है। बताया कि एनसीसी में राजपथ पर 2013 में परेड करने के बाद उसने बांग्लादेश का भी दौरा किया। वहां भी एनसीसी में बेस्ट कैडेट चुनी गईं। इसके अलावा उसने बास्केटबॉल में नेशनल खिलाड़ी का भी गौरव हासिल किया है।
दी जाती है विशेष ट्रेनिंग
पिछले महीने पांच राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल किया गया था। उन्नत तकनीक और 4.5 पीढ़ी का विमान होने के चलते उम्दा फाइटर पायलट को ही राफेल उड़ाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, पांच राफेल विमान को फ्रांस में ही भारतीय पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए रखा गया है। चार राफेल विमानों की अगली खेप नवंबर तक भारत को मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक, 2021 से आखिर तक भारत को 36 राफेल मिल जाएंगे।
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