शिव कचहरी भी आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दी गई है। मणिमाला के तहत आने वाले कुछ मंदिरों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, विग्रहों के दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध हैं। सावन में सभी विग्रह अपने-अपने निर्धारित स्थान पर विराजमान हो जाएंगे। सावन में बाबा दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को मणि मंदिर के संपूर्ण स्वरूप के दर्शन और परिक्रमा करने को मिलेगी।
काशी विश्वनाथ धाम परिसर के निर्माण के दौरान 139 विग्रह, 39 काशी खंडोक्त विग्रह और 27 प्राचीन देवालय प्राप्त हुए थे। बाबा के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को शिव कचहरी, देव गैलरी, काशी खंडोक्त मंदिरों के साथ 178 विग्रह के दर्शन का पुण्यलाभ मिलेगा।
शिवलिंग और नंदी महाराज को सिर पर रखकर कराया नगर भ्रमण
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कण-कण शंकर की नगरी काशी में एक और कण जुड़ गया। बुधवार को आंध्र प्रदेश के शिवभक्तों ने वरुणा नदी के किनारे शिवलिंग की स्थापना की। पिपरहवा घाट स्थित मंदिर में शिवलिंग की स्थापना के पूर्व उसका नगर भ्रमण कराया गया। पूरा इलाका हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान होता रहा और शिवभक्तों की श्रद्धा की हिलोरें हर मन को तरंगित कर रही थीं।
आंध प्रदेश के ओंगोले नगर निगम की पार्षद सी अन्नपूर्णा के नेतृत्व में 30 सदस्यीय दल ने हुकुलगंज में वरुणा नदी के किनारे पिपरहवा घाट स्थित हनुमान मंदिर में शिवलिंग की स्थापना विधि-विधान से पूर्ण की। स्थापना से पूर्व शिवभक्तों ने शिवलिंग और नंदी महाराज को सिर पर रखकर क्षेत्र भ्रमण कराया तथा मंदिर परिसर में दक्षिण भारत की पूजा विधि से रुद्राभिषेक एवं स्थापना की गई।
इस अवसर पर भंडरा एवं प्रसाद का वितरण भी हुआ। जुलूस के साथ स्थानीय लोग भी हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए शामिल हुए। पूजा अर्चना कौम्डिम्या शास्त्री एवं नारायना शर्मा शास्त्री ने किया।