20 वाराणसी, चार बलिया, तीन इलाहाबाद और तीन जौनपुर में
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में पहले ही दिन 30 नकलची पकड़े गए। इसमें वाराणसी, इलाहाबाद, बलिया और जौनपुर जिले शामिल हैं। नकलचियों को परीक्षा के दौरान अनुचित साधन इस्तेमाल करने के आरोप में परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है।
कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी की अफवाह भी उड़ाई गई थी। यह जानकारी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजनाथ ने दी। सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री और आचार्य की परीक्षा के दौरान 20 नकलची वाराणसी देहात क्षेत्र, चार बलिया, तीन इलाहाबाद और तीन जौनपुर से पकड़े गए। देश भर के 322 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा एक साथ शुरू हुई।
इसमें उत्तर प्रदेश में 280 और प्रदेश के बाहर कुल 42 परीक्षा केंद्र हैं। नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए आठ उड़ाका दल परीक्षा के दौरान केंद्रों पर भ्रमण करते रहे। परीक्षा दो पालियों में सुबह 7 से 10 और दोपहर में 02 बजे से 05 बजे तक आयोजित हो रही है।
कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने भी परीक्षा के दौरान केंद्रों का जायजा लिया। इस वर्ष शास्त्री प्रथम में 16405, शास्त्री द्वितीय वर्ष में 15909, शास्त्री तृतीय वर्ष में 15682 छात्र और आचार्य प्रथम वर्ष में 8453 व आचार्य द्वितीय वर्ष में 8423 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा मध्यमा में 4 हजार छात्र बैठ रहे हैं।