इसके बाद नवमी तिथि लगेगी जो 23 अक्तूबर की शाम 5:45 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी जो अगले दिन 24 अक्तूबर को दिन में 3:15 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि का पूजन 21 अक्तूबर को रात्रि में होगा लेकिन व्रत उदया तिथि के अनुसार 22 अक्तूबर को होगा। नवरात्र का पारण 24 अक्तूबर को किया जाएगा। इसी दिन दशमी तिथि दिन में 3:15 बजे तक रहेगी और विजया दशमी का पर्व मनाया जाएगा।
ज्येष्ठा नक्षत्र 18 अक्तूबर को रात्रि 9:01 बजे से 19 अक्तूबर को रात्रि 9:04 बजे तक, मूल नक्षत्र 19 अक्तूबर को रात्रि 9:04 बजे से 20 अक्तूबर को रात्रि 8:41 बजे तक रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 20 अक्तूबर को रात्रि 8:41 बजे से 21 अक्तूबर को रात्रि 7:54 बजे तक।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 21 अक्तूबर को रात्रि 7:54 बजे से 22 अक्तूबर को शाम 6:44 बजे तक रहेगा। श्रवण नक्षत्र 22 अक्तूबर को शाम 6:44 बजे से 23 अक्तूबर को शाम 5:14 बजे तक और घनिष्ठा नक्षत्र 23 अक्तूबर को शाम 5:14 बजे से 24 अक्तूबर को 3:28 बजे तक रहेगा।