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शारदीय नवरात्र: बंगाली पूजा पंडालों में मां का अधिवास कल से, अन्य में हवन-पूजन शुरू; हवामहल तो कहीं कांतारा

Fri, 16 Oct 2026 03:03 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी के बंगाली पूजा पंडालों में मां दुर्गा का अधिवास कल से शुरू होगा, जबकि अन्य पंडालों में हवन-पूजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पंडालों को हवामहल, कांतारा और बरगी डैम हादसे जैसी अलग-अलग थीम पर सजाया गया है। आकर्षक सजावट और अनूठी कलाकृतियां श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
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लुभा रही प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शारदीय नवरात्र का उत्सवी रंग अब दिखने लगा है। पूजा पंडालों में देवी का आगमन होने लगा है। पंडाल भी सजने-संवरने के अंतिम चरण में हैं। अलग-अलग थीम पर बने पंडाल अपनी आभा बिखेर रहे हैं। कहीं हवामहल, तो कहीं कांतारा और बरगी डैम हादसे की अनुकृति बनाई गई है। वहीं, नवरात्र की षष्ठी तिथि यानी शुक्रवार से ही बंगाली पूजा पंडालों में देवी का अधिवास कराकर आह्वान के साथ अनुष्ठान शुरू हो जाएगा, जबकि बाकी पूजा पंडालों में सप्तमी से मां की पूजा शुरू होगी।

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नवरात्र शुरू होने के साथ ही कुछ पूजा पंडालों में देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू हो गई थी। मगर, ज्यादातर पूजा पंडालों में सप्तमी से ही देवी की प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजा होगी। हालांकि, काफी पूजा पंडालों में मां की प्रतिमाएं पहुंचने लगी हैं। बृहस्पतिवार को भी खोजवां, देवनाथपुरा आदि मूर्तिकारों के कारखानों से पूजा समितियों के सदस्य गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाएं वाहनों पर रखकर ले गए और पूजा पंडालों में स्थापित किया। 

वहीं, काशी में बंगाली समाज के 30 से अधिक पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं पहुंच गई हैं। शुक्रवार से अधिवास कराकर मां की आंखें खोलने और आह्वान के साथ पांच दिवसीय विविध अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। प्रीमियर ब्वायज क्लब एवं मार्केट पंडाल परिवार के हथुआ मार्केट स्थित पूजा पंडाल में भी शुक्रवार से पूजा और श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो जाएगा।

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लाल फूलों, लाल चुनरी और आभूषणों से स्कंदमाता का शृंगार 
शारदीय नवरात्र की पंचमी पर जैतपुरा स्थित स्कंदमाता मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर स्थित मां के विग्रह के दर्शन के लिए सुबह से रात तक भक्त पहुंचते रहे। मां ने भक्तों को 17 घंटे तक दर्शन दिए। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे। ब्रह्म मुहूर्त में मां स्कंदमाता की मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। मां का लाल फूलों, लाल चुनरी और आभूषणों से शृंगार कर आरती की गई।
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ओडीसी से मां जगदंबा की आराधना
नवरात्र के पंचमी तिथि पर केदारघाट स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर में श्री कुमार स्वामी मठ के संयोजन में संगीत संध्या में कलाकारों ने ओडीसी नृत्य से मां जगदंबे की आराधना की। कलाकारों ने भावनृत्य से मां की आभा को निखारा। 
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