Varanasi News: आज के दिन ओम शं शनैश्चराय नम: सहित अन्य शनिदेव के मंत्र का जप करना चाहिए। शनि जयंती पर कौवों को रोटी खिलाना चाहिए। क्योंकि कौवा सूर्यपुत्र के वाहन हैं। पूजन से शनिदेव की अढ़ैया व साढ़ेसाती का निदान होगा।
पिगंल संवत्सर के मंत्री शनिदेव की जयंती ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र और धृति योग में मनाई जाएगी। श्रद्धालु व्रत रखेंगे और शनिदेव की पूजा करेंगे। शहर के विभिन्न मंदिरों में स्थापित शनिदेव विग्रह का दर्शन-पूजन करेंगे।
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ज्योतिष शास्त्रों में शनिदेव को मंदगामी, सूर्य पुत्र, शनिश्चर, छायापुत्र आदि नाम से जाना जाता है। ज्योतिषविद् विमल जैन के अनुसार ज्येष्ठ मास कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि बुधवार को शाम 7:56 बजे से अगले दिन गुरुवार को शाम 6:08 बजे तक रहेगी। जबकि रोहिणी नक्षत्र बुधवार को रात 9:17 बजे से अगले दिन रात 8:17 बजे तक रहेगा।
काशी में विश्वनाथ मंदिर के पास, मंगला गौरी मंदिर, बाबा कालभैरव, केदारेश्वर मंदिर, संकठा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी शनिदेव के विग्रह की पूजा होगी। उन्होंने बताया कि शनि भगवान शनि स्तोत्र, शनि चालीसा का पाठ, आरती की जाती है। काले उड़द के दाल की खिचड़ी गरीबों में वितरित और काले रंग की वस्तुओं का दान करनी चाहिए।