टिकट बंटवारे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पैदा हुए असंतोष पर काबू पाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को शहर दक्षिणी सीट से सात बार के विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा को लखनऊ बुलाया। दादा का टिकट काट कर उम्मीदवार बनाए गए नीलकंठ तिवारी को भी लखनऊ बुलाया गया है। लखनऊ पहुंचे दादा की शाह से संक्षिप्त शिष्टाचार मुलाकात तो हुई लेकिन इसके बाद चुनाव संचालन समिति की बैठक शुरू होने के कारण दोनों नेता रात एक बजे तक पार्टी दफ्तर के वेटिंग हॉल में शीर्ष नेतृत्व के फैसले के इंतजार में बैठे रहे।
टिकट कटने से नाराज चल रहे दादा को पार्टी हाईकमान का बुलावा दोपहर एक बजे आया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री को निर्देश मिला कि दादा और नीलकंठ तिवारी को रात आठ बजे तक लखनऊ भेजा जाए। इस पर संगठन मंत्री द्वारा भेजी गई कार से दादा पूर्व महानगर अध्यक्ष टीएस जोशी के साथ लखनऊ रवाना हो गए। वहां वह शाह से मिले। दादा ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष शाह से शिष्टाचार भेंट हुई। इसके बाद चुनाव संचालन समिति की बैठक शुरू हो गई।
उधर, लखनऊ में भाजपा के हवाले से खबर दी गई कि रविवार रात भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में शाह ने दादा से बात की। दादा ने शाह के समक्ष तल्ख लहजे में टिकट काटे जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी को उनसे पहले बातचीत करनी चाहिए थी। शाह ने कहा कि पार्टी में दादा का पूरा सम्मान है, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा करना पड़ा। शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर सभी को उचित प्रतिनिधित्व व सम्मान दिया जाएगा।
शाह ने बलिया व आजमगढ़ क्षेत्रों से आए असंतुष्ट भाजपाइयों से भी बातचीत की। इससे पूर्व रामलाल ने अवध क्षेत्र के भाजपाइयों के साथ बैठक की। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर सहित अन्य नेता मौजूद थे।