कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी 22 नवंबर को रात्रि 11:05 बजे लगेगी और अगले दिन 23 नवंबर को रात्रि 9:03 बजे तक रहेगी। इसके अलावा उत्तराभाद्रपद नक्षत्र 22 नवंबर को शाम 6:37 बजे से 23 नवंबर का 5:16 बजे तक रहेगा। काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी के अनुसार हरिप्रबोधिनी एकादशी का व्रत 23 नवंबर को रखा जाएगा।
देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के बाद मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा। 147 दिनों के बाद वैवाहिक मुहूर्त शुरू होने से शहनाई गूंजेगी। नवंबर में विवाह के दो मुहूर्त मिल रहे हैं। वहीं, दिसंबर में आठ मुहूर्त हैं। 2024 में शादी के सबसे ज्यादा 62 मुहूर्त मिल रहे हैं।
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कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी 22 नवंबर को रात्रि 11:05 बजे लगेगी और अगले दिन 23 नवंबर को रात्रि 9:03 बजे तक रहेगी। इसके अलावा उत्तराभाद्रपद नक्षत्र 22 नवंबर को शाम 6:37 बजे से 23 नवंबर का 5:16 बजे तक रहेगा। काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी के अनुसार हरिप्रबोधिनी एकादशी का व्रत 23 नवंबर को रखा जाएगा। 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही विवाह मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। 15 दिसंबर से 15 जनवरी 2024 तक एक महीने खरमास के कारण विवाह वर्जित रहेंगे। मकर संक्रांति के बाद ही शादियां हो सकेंगी।
शालिग्राम-तुलसी विवाह के बाद शुरू होगा विवाह
नवंबर महीने में विवाह मुहूर्त 28 और 29 नवंबर को मिल रहे हैं। इसके बाद दिसंबर में शादी करने के लिए आठ शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। दिसंबर में 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 और 13 दिसंबर को मुहूर्त हैं।
2024 के विवाह मुहूर्त जनवरी- 16, 17, 20, 21, 22, 27, 28, 30, 31