शुक्रवार की सुबह दो घंटे की झमाझम बारिश से शहर की अधिकांश सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। सीवर ओवरफ्लो हो गए। संबंधित इलाकों में लोगों के घरों में पानी पहुंच गया। सुबह स्कूल का समय होने के चलते बच्चों और अभिभावकों को परेशानी हुई। लोग जैसे-तैसे गंतव्य तक पहुंचे। जिन मार्गों को सीवर और पेयजल पाइप लाइन के लिए खोदा गया है, वहां चलना तक मुश्किल हो गया।
नगर निगम मार्च से ही नालों की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था बनाने में लगा था लेकिन हालत यह है कि थोड़ी देर की तेज बारिश में ही आधे शहर में जलभराव हो जा रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था ठीक न होने के चलते लोगों को दुष्वारियां झेलनी पड़ रही है। शुक्रवार को भी तेज बारिश के चलते उफनाई नालियों और सीवरलाइनों का पानी चारों ओर फैल गया। रवींद्रपुरी, खोजवां, बजरडीहा, रानीपुर और तुलसीपुर इलाकों में ऐसा जलभराव हुआ कि घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
शहर के पांडेयपुर, कमच्छा, घौसाबाद इलाके में सड़कों की खोदाई के चलते राह चलना मुश्किल हो गया। जलजमाव से गड्ढों का पता ही नहीं चल रहा था, इससे कई जगह गाड़ियां फंसी रहीं। लोग गिरतेपड़ते घरों और कार्यालयों तक पहुंचे। बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हुई। शहर के रवींद्रपुरी, नई सड़क, गोदौलिया, अंधरापुल, घौसाबाद, तेलियाबाग, महमूरगंज, पांडेयपुर, कमच्छा, बजरडीहा, जक्खा, रानीपुर, तुलसीपुर, धर्म शिक्षा मंडल दुर्गाकुंड, शिवाला, चेतमणि चौराहा और गुरुधाम के पास बारिश का पानी देर तक जमा रहा।
रामनगर संवाददाता के अनुसार बटाऊबीर, रामपुर, श्रीरामनगर कालोनी में सीवर और बरसात का भरा हुआ है। रस्तापुर गांव जलमग्न हो गया है। लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। केशव सोनकर, सेवालाल, विशाल, राधे चौहान, प्रकाश चौहान समेत 35 लोगाें के घरों में पानी भर गया है। ऐसी स्थितियों में यहां के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।