शहर की बुनियादी सुविधाओं पेयजल, सीवेज, सफाई की बदहाली का मसला सोमवार को नगर निगम के सदन में गूंजा। हल्ला-हंगामा तो खूब हुआ लेकिन बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, जलभराव-गंदगी जैसी समस्याओं से निबटने के लिए मानसून पूर्व तैयारियों की कोई ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई। हालांकि नगर आयुक्त ने बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मसले पर एकजुट पार्षदों को आश्वस्त किया कि तत्परता और पारदर्शिता के साथ समय से काम कराया जाएगा। महापौर/ सभापति रामगोपाल मोहले की अध्यक्षता में तीन घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने जन शिकायतों के निबटारे और काम में लापरवाही पर भी निगम अधिकारियों को घेरा। उनकी लचर कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।
इससे पहले महापौर की अनुमति से अपराह्न 12:15 बजे बैठक शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही शंकर विश्नानी, विजय जायसवाल, अशोक मिश्रा, डॉ. राजेश जायसवाल, अजय गुप्ता, गोविंद शर्मा, सीताराम केशरी, दिलीप यादव, विनोद सेठ, राजेश यादव समेत अन्य पार्षदों ने सीवर-सफाई के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। नामित पार्षद वरुण सिंह ने नगर आयुक्त के फोन नहीं उठाने का मुद्दा सदन के सामने रखा। पार्षद असलम अंसारी, अरशद लड्डू, साजिद अंसारी ने रमजान शुरू होने से पहले सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। पार्षद अनीसुर्रहमान ने पूछा-नगर निगम में कितने कर्मचारी संगठन हैं, जवाब देने में अफसरों को 20 मिनट लग गए।
इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार का भरोसा दिलाया। बताया कि घर-घर सीवेज-पेयजल कनेक्शन के लिए केंद्र से अमृत योजना के तहत 181.25 करोड़ मंजूर हुए हैं। वरुणा पार में 52 हजार घरों में सीवेज कनेक्शन जोड़ने के लिए 195 करोड़ का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। प्रत्येक वार्ड में 20-20 लाख रुपये के विकास कार्यों के लिए टेंडर दस जून तक हो जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के साथ महापौर रामगोपाल मोहले के जाने का मसला भी मिनी सदन में उठा। पार्षदों ने महापौर के डीएम के साथ निकलने पर आपत्ति जताई। पार्षद शंकर विश्नानी, सीताराम केशरी, गोविंद शर्मा, विजय जायसवाल ने यह पूछा भी कि‘मेयर साहब बताएं कि वे हम लोगों के साथ क्षेत्र में भ्रमण पर कब निकलेंगे।’ अमरदेव यादव ने कहा कि प्रशासन निगम के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं, सहयोग कर सकता है। इस पर महापौर ने सदन को आश्वस्त किया कि वह पार्षदों के साथ भी शहर भ्रमण के लिए तैयार हैं। जनसमस्याओं के समाधान के लिए जोनवार साप्ताहिक चौपाल लगाने की मांग भी उठी।
नगर निगम सदन के एजेंडे में टाउनहाल का मुद्दा भी शामिल कर लिया गया है। दो जून को प्रस्तावित बैठक में इस पर चर्चा होगी। टाउन हाल मैदान के आवंटन में गड़बड़ियों और भवन पर कब्जे का जिक्र करते हुए पार्षदों ने नगर निगम अधिनियम की धारा 91(2) के तहत इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव दिया था।
पार्षद अशोक कुमार मिश्रा के इस प्रस्ताव का डॉ. राजेश कुमार जायसवाल, अजय गुप्त, विजय कृष्ण समेत कई पार्षदों ने समर्थन किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि टाउनहाल में भारतेंदु अकादमी का कोई संचालन नहीं है। इस नाम से आवंटित कमरे को खाली कराया जाए। वहां बंद पड़ी लाइब्रेरी को शुरू कराया जाए। अंदर जब कोई कार्यक्रम नहीं है तो सभी गेट बंद किए जाएं। प्राइवेट वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। टाउनहाल मैदान के आवंटन में मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए। पारदर्शिता के साथ इसका आवंटन हो और उसकी सूचना सदन को भी दी जाए।