रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का नए सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे 28 गांवों के किसानों ने रविवार को हृदयपुर की महापंचायत में आरपार के आंदोलन का एलान कर दिया। किसानों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि 25 जून तक यदि उनके पूरे मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो अगले दिन यानी 26 जून से किसान अधिग्रहीत जमीन पर खेती शुरू कर देंगे। इसके साथ ही किसानों ने यह भी कह दिया कि मुआवजा मिलने तक उनका धरना-प्रदर्शन, सत्याग्रह और जागरुकता के लिए चौपाल का कार्यक्रम चलता रहेगा।
महापंचायत में अधिग्रहण के दायरे में आए गांवों के हजारों किसान अपने परिवारों के संग कड़ी धूप के बावजूद पैदल और वाहनों से हृदयपुर पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी शामिल हुए। मंच से नेताओं के हुंकार भरने पर जोश से लवरेज महिलाएं और युवा भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस, सपा, भाजपा, अपना दल और माकपा के नेताओं ने किसानों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन दिया। महापंचायत के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल जाता, वे रिंग रोड का काम शुरू नहीं होने देंगे। महापंचायत को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय, मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल, वाराणसी महापौर रामगोपाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल अध्यक्ष संजीव सिंह, कौएद के अतहर जमाल लारी, माकपा के विजय पटेल, भाजपा के सुजीत सिंह टीका एवं आंदोलन के संयोजक महेंद्र सिंह यादव आदि ने भी संबोधित किया।