इसके बाद आरपीएफ टीम को पीडीडीयू जंक्शन भेजा गया। यहां पहुंचकर ट्रेन में चेकिंग शुरू की गई तो ट्रेन के पीछे के हिस्से में जनरल कोच में 7 नाबालिग बच्चे 2 व्यक्तियों के साथ डरे सहमे बैठे थे। पूछताछ में पता चला कि 5 बच्चों को झारखंड के गोड्डा जिले के घोरीकित्ता शक्तिनगर निवासी मिथुन (30) बाल श्रम के लिए पीरपैंती से खन्ना पंजाब ले जा रहा था। इसके साथ ही दो बच्चे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के ग्राम फरक्का निवासी डालिम (27) के साथ बैठे थे।
इसके बाद सभी बच्चों को उतारा गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि सूचना एएचटीयू प्रभारी को दी गई। इसके बाद प्रभारी भी अपनी टीम के साथ कैंट स्टेशन के आरपीएफ के पोस्ट पर आए। एएचटीयू की ओर से दोनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सातों बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन वाराणसी से प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर चौरसिया गुंजा और सुपरवाइजर शिवम सिंह को सौंपा गया।