सेवा भारती अब केवल जरूरतमंदों तक भोजन और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने पर जोर दे रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग अभ्यंकर ने शनिवार को कहा कि भूखे व्यक्ति का पेट भरना तात्कालिक सेवा है, लेकिन स्थायी सेवा के लिए उसे स्वावलंबी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज जो व्यक्ति हाथ फैलाकर खड़ा है, वह कल अपने पैरों पर खड़ा हो और समाज के दूसरे वंचित लोगों को भी स्वावलंबी बनाए, यही सेवा भारती के स्वावलंबन आयाम का उद्देश्य है।
बाबतपुर रोड स्थित कोइराजपुर के संत अतुलानंद कांवेंट स्कूल में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा भारती के स्वावलंबन एवं वैभव श्री प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पराग अभ्यंकर ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मौजूद अंतर को दूर करना जरूरी है। व्यक्ति के जीवन रक्षण और समग्र विकास के लिए उसका स्वावलंबी होना आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सेवा कार्यों में स्वावलंबन और वैभव श्री आयाम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि देशभर में 980 सेवा संस्थाओं के माध्यम से वनवासी, पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले, घुमंतू और दिव्यांग लोगों के बीच विभिन्न सेवा कार्य चल रहे हैं।
सेवा कार्यों में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं में सेवा भाव के साथ कुशल प्रबंधन का गुण भी होता है, इसलिए वे सेवा कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकती हैं। अभ्यंकर ने कहा कि भारतीय परंपरा में दूसरों की सेवा करने का भाव सहज रूप से मौजूद है। किसी व्यक्ति को भोजन कराना तत्काल राहत देने वाली सेवा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए उसे स्वावलंबी बनाना जरूरी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उन्नति और विकास का समान अवसर मिलने पर ही देश परम वैभव की ओर बढ़ सकता है।
37 प्रांतों से पहुंचे 200 से अधिक प्रशिक्षु
प्रशिक्षण वर्ग की प्रस्तावना रखते हुए अखिल भारतीय स्वावलंबन प्रमुख विनोद बिड़ला ने बताया कि प्रशिक्षण में ई-मार्केटिंग, रोजगार सृजन के लिए विभिन्न विषय समूहों में परिचर्चा और अनुभव कथन समेत कुल 10 सत्र होंगे। इसमें देश के 37 प्रांतों से 200 से अधिक प्रशिक्षु हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती काशी प्रांत के अध्यक्ष राहुल सिंह ने की। कार्यक्रम में वैभवश्री की अखिल भारतीय संयोजिका चंद्रिका ताई चौहान, संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख सैंथिल कुमार, सेवा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सुधीर कुमार, संयुक्त महामंत्री विजय पुराणिक, वैराष्ट्रीय संयोजक पद्म कुमार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर, काशी प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह प्रो. राकेश समेत अन्य मौजूद रहे।