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लापरवाही: वाराणसी में 64 स्वास्थ्य केंद्रों की सेवा स्विच्ड ऑफ है, कृपया यहां संपर्क न करें

Mon, 06 Apr 2026 11:00 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में 64 स्वास्थ्य केंद्रों के सीयूजी नंबर बंद पड़े हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटना और प्रसव के समय मरीजों के परिजन अस्पताल प्रबंधन से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। 
 
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जिला अस्पताल में लगा सीएचसी-पीएचसी का बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। 40 लाख की आबादी वाले जिले में 64 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के सरकारी सीयूजी नंबर रिचार्ज न होने के कारण बंद पड़े हैं। रविवार को जिले के अस्पतालों की पड़ताल में इस तरह की लापरवाही सामने आई। एक ओर शासन की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आपातकालीन स्थिति में संपर्क करने का सबसे मुख्य जरिया ही ठप हो गया है।

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हैरानी की बात यह है कि इन अस्पतालों की दीवारों पर इन्हीं बंद नंबरों का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है, जिससे मरीज और उनके परिजन गुमराह हो रहे हैं। इस स्थिति में एक्सीडेंटल केस और डिलीवरी के समय मरीजों के परिजन डॉक्टर से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। 

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जिला अस्पताल के गेट और अन्य जगहों पर लगे सभी सीएचसी-पीएचसी के नंबरों पर जब संपर्क किया गया, तो पता चला कि इन नंबरों पर रिचार्ज ही नहीं है। यही हाल मंडलीय और रामनगर स्थित एलबीएस अस्पताल का भी है। यहां बैनर पर सीएचसी-पीएचसी के नंबर तो लिखे हैं, ताकि संकट के समय ग्रामीण सीधे डॉक्टर या प्रभारी से संपर्क कर सकें, लेकिन वे नंबर महज शोपीस बनकर रह गए हैं। 

वास्तविकता यह है कि जब कोई जरूरतमंद इन नंबरों को मिलाता है, तो उधर से इनकमिंग सेवा बंद होने या अवैध नंबर होने का संदेश सुनाई देता है। विभाग की इस अनदेखी के कारण रात के समय आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे पहले से फोन कर एंबुलेंस या डॉक्टर की उपलब्धता का पता नहीं लगा पा रहे हैं।

फंड के अभाव में ‘मौन’ हुईं स्वास्थ्य सेवाएं
एक सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर ने बताया कि इन 64 केंद्रों के सिम कार्ड को रिचार्ज करने के लिए आवंटित बजट समय पर जारी नहीं किया गया, जिसके कारण यह सुविधा बंद हो गई। करीब छह माह पहले कुछ नंबरों का रिचार्ज कराया गया था, लेकिन फिर सभी बंद हो गए। यह स्थिति उन मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जो सड़क हादसों या प्रसव पीड़ा के दौरान तत्काल सहायता की उम्मीद में इन नंबरों पर डायल करते हैं।

अधिकारी बोले
इमरजेंसी नंबर के बंद होने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराकर इसे ठीक कराया जाएगा। -डॉ. राजेश प्रसाद, कार्यवाहक सीएमओ
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इन नंबरों पर संपर्क करने पर नहीं हो सकी बात

सनी वर्मा और अमित सेठ - फोटो : अमर उजाला
  • सीएचसी चोलापुर - 7318260619
  • सीएचसी नरपतपुर - 9519155958
  • पीएचसी चिरईगांव - 7388988084
  • पीएचसी कोनिया - 7084166029
  • पीएचसी शिवपुर - 7084166035

क्या बोले लोग
चाची को रात में हार्ट अटैक आया। शिवपुर पीएचसी के आपातकालीन नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन वहां बात नहीं हो पाई। मजबूरन उन्हें एंबुलेंस से तत्काल 12 किमी दूर बीएचयू ले जाना पड़ा। -सनी वर्मा
मेरे नानाजी की तबीयत रात में अचानक खराब हुई। आपात स्थिति में चिरईगांव स्थित पीएचसी पर संपर्क किया गया, लेकिन नंबर उपलब्ध नहीं था। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। -अमित सेठ
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