वास्तविकता यह है कि जब कोई जरूरतमंद इन नंबरों को मिलाता है, तो उधर से इनकमिंग सेवा बंद होने या अवैध नंबर होने का संदेश सुनाई देता है। विभाग की इस अनदेखी के कारण रात के समय आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे पहले से फोन कर एंबुलेंस या डॉक्टर की उपलब्धता का पता नहीं लगा पा रहे हैं।
फंड के अभाव में ‘मौन’ हुईं स्वास्थ्य सेवाएं
एक सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर ने बताया कि इन 64 केंद्रों के सिम कार्ड को रिचार्ज करने के लिए आवंटित बजट समय पर जारी नहीं किया गया, जिसके कारण यह सुविधा बंद हो गई। करीब छह माह पहले कुछ नंबरों का रिचार्ज कराया गया था, लेकिन फिर सभी बंद हो गए। यह स्थिति उन मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जो सड़क हादसों या प्रसव पीड़ा के दौरान तत्काल सहायता की उम्मीद में इन नंबरों पर डायल करते हैं।
अधिकारी बोले
इमरजेंसी नंबर के बंद होने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराकर इसे ठीक कराया जाएगा। -डॉ. राजेश प्रसाद, कार्यवाहक सीएमओ
- सीएचसी चोलापुर - 7318260619
- सीएचसी नरपतपुर - 9519155958
- पीएचसी चिरईगांव - 7388988084
- पीएचसी कोनिया - 7084166029
- पीएचसी शिवपुर - 7084166035
क्या बोले लोग
चाची को रात में हार्ट अटैक आया। शिवपुर पीएचसी के आपातकालीन नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन वहां बात नहीं हो पाई। मजबूरन उन्हें एंबुलेंस से तत्काल 12 किमी दूर बीएचयू ले जाना पड़ा। -सनी वर्मा
मेरे नानाजी की तबीयत रात में अचानक खराब हुई। आपात स्थिति में चिरईगांव स्थित पीएचसी पर संपर्क किया गया, लेकिन नंबर उपलब्ध नहीं था। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। -अमित सेठ