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Varanasi News: अस्पतालों में बना अलग वार्ड, बेड रिजर्व, तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगे विशेषज्ञ

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होली पर होने वाली घटनाओं में घायलों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड रिजर्व करा लिए गए हैं। यहां इमरजेंसी में तीन शिफ्ट में विशेषज्ञों की टीमें तैनात रहेंगी। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजिशियन शामिल हैं।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 10 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है तो मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में 20 बेड का होली वार्ड, जिला अस्पताल पांडेयपुर, शास्त्री अस्पताल की इमरजेंसी में भी 10-10 बेड रिजर्व रहेंगे। प्रभारी सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में भी डॉक्टर मौजूद रहेंगे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़ने पर मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाएगा। सभी जगहों पर पर्याप्त दवाएं, जांच की व्यवस्था रहेगी। अधिकारियों को माॅनीटरिंग करते रहने को कहा गया है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के एसआईसी डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि होली वार्ड में रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की डयूटी लगाई गई है। इसके अलावा जरूरी दवाएं, ड्रेसिंग के सामान आदि मंगा लिए गए हैं।
आंखों को रंग, गुलाल से बचाएं, साफ पानी से धोते रहें
होली पर सेहत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने हर्बल रंग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। आईएमए अध्यक्ष और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग टंडन का कहना है कि प्राय: होली वाले दिन रंग, गुलाल आंखों में चला जाता है। इसे लेकर घबराना नहीं चाहिए। चश्मा पहनकर रंग खेलना चाहिए। हर्बल रंग का उपयोग करें तो कोई नुकसान नहीं होगा। अगर रंग या गुलाल के कण आंखों में चले गए हैं तो उसे साफ पानी से धुलते रहना चाहिए। आंखों के आसपास नारियल तेल लगाना चाहिए। इसके बाद भी अगर आंखों में जलन, खुजली आदि की समस्या तो बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं डालना चाहिए। बीएचयू नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रो. दीपक मिश्रा का कहना है कि आंखों में अगर रंग, गुलाल चला जाता है तो उसको रगड़ने के बजाय साफ पानी से तब तक धुलना चाहिए, जब तक कण न निकल जाए। किसी कारण वश अगर आंख में चोट लग जाता है तो बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर दिखाना चाहिए।
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