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सुविधा: 'बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की' में किसानों के सुरक्षित भविष्य पर होगा मंथन, जानें इसके बारे में

Thu, 05 Feb 2026 01:59 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: अमर उजाला बोनस और पीएफआरडीए का वाराणसी में संयुक्त आयोजन होगा। इसमें एनपीएस पर विशेषज्ञ सीधी और आसान जानकारी देंगे। इसमें आ रही समस्याओं पर भी मंथन होगा, सुझाव दिए जाएंगे।
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पेंशन। - फोटो : एडोव
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विस्तार
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खेती मौसम पर निर्भर है, लेकिन बुढ़ापा इंतजार नहीं करता। किसानों की इसी सबसे बड़ी चिंता नियमित आय को लेकर अमर उजाला बोनस और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) वाराणसी में एक खास कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं। 

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‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ नाम से होने वाले इस आयोजन में किसानों को नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) की बारीकियां सरल भाषा में समझाई जाएंगी।

भविष्य को सुरक्षित बनाने की तैयारी आज से ही करनी होगी, खासकर तब जब बात किसानों की हो। आजादी के करीब आठ दशक बाद भी किसान की आमदनी मौसम, बाजार और लागत पर निर्भर है। ऐसे में जब उम्र के उस पड़ाव पर पहुंचा जाए, जहां मेहनत करना संभव न हो, तब नियमित आय का साधन होना बेहद जरूरी हो जाता है। 

इसी उद्देश्य से अमर उजाला बोनस और पीएफआरडीए मिलकर किसानों के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ आयोजित कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 6 फरवरी को सुबह 10:30 बजे, अंधरापुल स्थित होटल रीजेंसी, वाराणसी में होगा। कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है।
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कार्यक्रम में पीएफआरडीए के चीफ जनरल मैनेजर आशीष कुमार और डिप्टी जनरल मैनेजर मनोज कुमार तिवारी किसानों को नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से जुड़ी हर जरूरी जानकारी देंगे। कार्यक्रम में नाबार्ड के अधिकारी, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े सदस्य और बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।

कार्यक्रम में यह बताया जाएगा कि एनपीएस किसानों के लिए क्यों जरूरी है, कम उम्र में निवेश शुरू करने से कैसे ज्यादा लाभ मिलता है और किस तरह छोटी-छोटी बचत भविष्य में सम्मानजनक पेंशन का आधार बन सकती है। विशेषज्ञ किसानों की शंकाओं का सीधा समाधान भी करेंगे।

देश में लगातार छोटी होती जोत, खेती की बढ़ती लागत और बदलती जीवनशैली भविष्य की बड़ी चुनौती है। ऐसे में एनपीएस किसानों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है। अमर उजाला बोनस की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ें और बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

एनपीएस क्यों है खास
  • बाजार आधारित बेहतर रिटर्न
  • निवेश में अनुशासन
  • लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग का फायदा
  • रिटायरमेंट पर बड़ी रकम
  • जीवनभर नियमित पेंशन का भरोसा

एनपीएस बनेगा जीवन का सहारा
एनपीएस एक लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट योजना है, जिसमें हर महीने या सालाना छोटी रकम जमा की जा सकती है। जैसे खेत में बोया गया बीज समय के साथ फसल बनता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया निवेश भविष्य में नियमित पेंशन का रूप ले लेता है।
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क्यों जरूरी है समय रहते निवेश
समय के साथ उम्र बढ़ती है, लेकिन आमदनी की गारंटी नहीं रहती। खेती, कारोबार और सेहत, कुछ भी स्थायी नहीं। ऐसे में बुढ़ापे की तैयारी खुद करनी होगी। जितनी जल्दी एनपीएस से जुड़ाव, उतना सुरक्षित भविष्य।
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