मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के कार्यालय में सिक्योरिटी गार्ड राजेश कुमार सिंह (42) का खून से लथपथ शव मिला। उसके दोनों हाथों की नसें कटी हुई थीं। गुरुवार की सुबह लंका पुलिस की सूचना पर फोरेंसिक टीम ने सुंदरपुर नेवादा स्थित कार्यालय पहुंच कर साक्ष्य एकत्र किया।
पुलिस ने आत्महत्या का मामला बताते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। अभी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सका। गाजीपुर जिले के सादात थाना अंतर्गत सतना गांव निवासी राजेश छह माह पहले इनोविजन सिक्योरिटी लिमिटेड कंपनी में गार्ड के तौर पर नौकरी शुरू की था।
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सुंदरपुर नेवादा स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के कार्यालय में वह इन दिनों ड्यूटी करता था और अंदर ही रहता था। गुरुवार की सुबह शाखा प्रबंधक शिव कुमार वर्मा और सहायक शाखा प्रबंधक इंद्रजीत के साथ पहुंचकर आवाज लगाई तो कार्यालय का दरवाजा नहीं खुला।
शाखा प्रबंधक ने लंका थानाध्यक्ष को सूचना दी तो वे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
गाजीपुर के सादात थाना अंतर्गत सतना गांव का था रहने वाला
- फोटो : अमर उजाला
दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर घुसे तो कैश काउंटर के समीप फर्श पर राजेश का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। पुलिस और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने रुपये और सोने की जांच की तो सब कुछ सही मिला।
पुलिस की सूचना पर पहुंची पत्नी प्रतिभा, बेटे ऋषि और बेटी रिया व सिया का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि राजेश सुंदरपुर क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर रहता था।
इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि फाइनेंस कंपनी का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। गार्ड के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही परिजनों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारण का पता लगाया जाएगा।