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गुपचुप तरीके से सक्रिय हैं धर्मांतरण कराने वाली एजेंसियां

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केस-1
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पिंडरा बाजार के पास रहने वाले एक युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। सितंबर 2020 में पड़ोस में रहने वाले युवक ने पैसा और इलाज का लालच देकर एक चर्च में धर्म परिवर्तन का प्रयास किया था। हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी फरार हो गया था। इसकी जांच पुलिस ने की थी। हालांकि मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
केस-2
चोलापुर के बेला गांव में धर्मांतरण की सूचना पर वर्ष 2020 में हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सुलह भी हुई। इसके बाद धर्मांतरण के लिए पहुंचे युवक वहां से चले गए थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। धर्म नगरी वाराणसी में धर्मांतरण की एजेंसियां गुपचुप तरीके से सक्रिय रहती हैं और मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराती हैं। पिछले मामलों पर नजर दौड़ाए तो धर्मांतरण की ज्यादातर शिकायतें पिंडरा, चौबेपुर, शिवपुर सहित शहर से दूरदराज के इलाकों से आती हैं। यहां शादी, मदद और गरीबी का फायदा उठाकर कई तरह की एजेंसियों की सक्रियता की सूचना आती रही हैं। हालांकि पुलिस के पास अब तक इस मामले में ठोस प्रमाण नहीं मिला है। मगर, यूपी एटीएस की शिकायत के बाद पुलिस अब ऐसे गैंग के वाराणसी कनेक्शन को तलाशने में जुट गई है।
वाराणसी में हिंदू लड़कियों की शादी दूसरे धर्म के लड़कों से होने के बाद नाम परिवर्तन कर धर्मांतरण के मामले सामने आते रहते हैं। हिंदू संगठनों की ओर से ज्यादातर शिकायतें थाने में दर्ज होती रही हैं, मगर ज्यादातर मामलों में सुलह समझौता के बाद मामला दब जाता है।
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शादी के नाम पर धर्मांतरण के ज्यादातर मामले वाराणसी में हैं। पुलिस ऐसे मामलों में शुरुआती शिकायतों पर गंभीर नहीं होती है। हम लोगों ने दर्जनों मामले की शिकायत दर्ज कराई, ज्यादातर मामलों में सफलता भी मिली है।- दिनेश नारायण सिंह, काशी प्रांत अध्यक्ष, हिंदू जागरण मंच
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धर्मांतरण की शिकायतें मिलने पर जांच कराई जाती है। यूपी एटीएस के खुलासे के बाद वाराणसी में इसकी व्यापक जांच कराएंगे।
-ए सतीश गणेश, पुलिस आयुक्त
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