कूड़े से बिजली और सीएनजी बनाने पर जोर :
सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक के दौरान सचिव ने कहा शहर के कचरे का निस्तारण सही से कराया जाए। कूड़े से बिजली और सीएनजी बनाने पर जोर दिया जाए। सफाई कर्मियों और सुपरवाइजरों को उनके दायित्वों के प्रति सजग और संवेदनशील बनाने को कहा। साथ ही प्रत्येक 500 मीटर पर क्षेत्रीय गणमान्य और जागरूक लोगों को स्वच्छता कार्यक्रम पर निगरानी रखने के लिए नामित किया जाए। सचिव ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को लेकर कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के रैंकिंग में बनारस को नंबर वन पर लाना है। इसके लिए सभी अधिकारी अभी से काम में जुट जाएं। बेहतर कार्य करने वाले का नाम और फोटो एलईडी के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा।
ब्लैक लिस्टेड करने का दिया निर्देश :
एक बार भवन बनवाओगे दोबारा फिर से उसको तोड़ोगे। इससे कार्य में विलंब होने के साथ ही नुकसान भी होगा। सचिव ने यह नाराजगी स्मार्ट सिटी के लिए नामित कंसलटेंसी कंपनी पीएमसी के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कही। उन्होंने कहा कि मच्छोदरी विद्यालय को 12.21 करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी में ई क्लास बनाना है। इस दौरान उन्होंने लापरवाही पर संस्था को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही। साथ ही गंगा घाट पर 300 मीटर में कराए जा रहे हेरिटेज प्रोजेक्ट, जिसमें घाटों पर पहले से उपलब्ध झरोखे और हेरिटेज की दृष्टि से कराए जाने वाले के कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
सफाई नहीं समय बताइए : सचिव
सचिव ने शहर में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसमें सबसे पहले वे रमना पहुंचे जहां निर्माणाधीन एसटीपी का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य को नवंबर 2019 में होने की जगह मार्च 2020 में होना बताया। इससे नाराज सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सफाई नहीं समय बताइए कि काम कब तक पूरा हो जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि बजट की कमी वजह बताई। बजट मिलते ही काम तेजी लाई जाएगी। इस दौरान सचिव को खामियां मिलीं जिस पर उन्होंने फटकार लगाई। इसके बाद सचिव ने परिसर में पौधरोपण करने के निर्देश दिए।