ज्यादातर बनारस के कार्यशाला में और कुछ बाहर से स्कल्पचर मंगाए जा रहे हैं। काम पूरा होने के बाद सब ठीक हो जाएगा। स्कल्चर से न केवल काशी की सुंदरता निखरेगी बल्कि शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को भी उजागर करेगी।
इन स्कल्पचर के माध्यम से कबाड़ को कला का रूप देकर पुनः उपयोग में लाने की प्रेरणा मिलेगी। इसके तहत 62 स्कल्पचर शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे। इनमें से 35 लगाए जा चुके हैं। बाकी बचे 27 स्कल्पचर जल्द लगाए जाएंगे। इसकी मंशा है कि शहर के सड़कों, चौराहों, प्रमुख स्थानों पर इन स्कल्पचर के जरिये स्थानीय पहचान को कलात्मक स्वरूप दिया जाए। ये कलाकृतियां स्क्रैप से तैयार की गई हैं।