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BHU की सेंट्रल लाइब्रेरी में धक्कामुक्की: छात्रों के बैग-मोबाइल छूटे-टूटे, हंगामा; अब 25 मई से बदलेगी टाइमिंग

Fri, 22 May 2026 11:36 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सेंट्रल लाइब्रेरी में सीटों को लेकर छात्रों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नई बिल्डिंग का गेट बंद होने से हेरिटेज भवन से ही प्रवेश मिला, जिससे धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। भीषण गर्मी में छात्र किताब और पानी की बोतल लेकर सीट पाने के लिए दौड़ते नजर आए। दो दिन पहले भी भीड़ के दबाव में चैनल गेट की कुंडी टूट गई थी।
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धक्कामुक्की के बाद लाइब्रेरी में ही छूटी छात्रों की बोतलें और अन्य सामान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: बहु मंजिला भवन बनने के बावजूद बीएचयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में अव्यवस्था हो गई। प्रचंड गर्मी के बीच बृहस्पतिवार की सुबह हॉस्टल से निकलकर छात्र-छात्राएं सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचे तो वहां पर एकाएक प्रवेश के दौरान जमकर धक्कामुक्की हो गई। हाथ में किताब और पानी का बोतल लिए विद्यार्थी दौड़-भागकर सीट लेने की जद्दोजहद करते दिखे।

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कुछ देर बाद गेट के पास कई छात्रों के बॉटल, कागज और चप्पल बिखरे दिखाई पड़े। बैग और फोन छूट गए। कुछ को चोटें भी आईं। गनीमत रही कि कोई बड़ी घटना नहीं होने पाई। भागदौड़ के बीच प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी नदारद रहे। हालांकि कुछ देर बाद महिला और पुरुष गार्ड पहुंचे और स्थिति को संभालने में लगे। 
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इस दौरान एक गार्ड और छात्र के बीच काफी देर तक कहासुनी भी हो गई। इस स्थिति के बाद फैसला लिया गया है कि सेंट्रल लाइब्रेरी अब 25 मई से सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक ही खुलेगी। दो दिन पहले भी सेंट्रल लाइब्रेरी में ऐसी स्थिति बनी थी जिससे चैनल के दरवाजे की कुंडी ही टूट गई थी। उसके बाद भी लाइब्रेरी कर्मचारी नहीं चेते।

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रोज यहां पढ़ाई करने वाले छात्रों के मुताबिक इन कमियों के चलते ये स्थिति बनी
  • मुख्य लाइब्रेरी के पीछे बना पांच मंजिला भवन तो खुल गया मगर अभी तक उसका गेट नहीं खोला गया, लिहाजा हेरिटेज भवन के ही रास्ते उन्हें जाना पड़ा।
  • नई बिल्डिंग में छात्रों के रीडिंग रूम के अलावा पुराने भवन के पांच सेक्शन भी बसा दिए गए। इसमें हिंदी बुक स्टैग, एक्यूजिशिन, टेक्निकल सेक्शन, पीरियॉडिकल सेक्शन और टेक्स्ट व न्यूजपेपर सेक्शन। इससे छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए सीटों की संख्या कम पड़ गई।
  • अब छात्र इस चिंता में रहते हैं कि सीट न चली जाए। जबकि पुरानी बिल्डिंग में पांचों सेक्शन वाली जगह खाली पड़ी है। वहीं, पूर्व कुलपति के कार्यकाल में मेंटेन करने का फैसला लिया गया था। जो कि अभी नहीं हुआ।
  • पिछले साल दिसंबर में साइबर लाइब्रेरी आग लगी तब से अभी तक पूरी क्षमता के साथ लाइब्रेरी खुल नहीं सकी। छात्रों ने आरोप लगाया कि पहला तल तो अस्थायी रूप से ही बंद किया गया है।
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