क्या बोले डॉक्टर
मौसम के बदलाव की वजह से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्क्रबटायफस, चिकनगुनिया आदि की संभावना इस मौसम में ज्यादा बढ़ जाती है। स्क्रबटायफस में तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द भी होता है। औसतन जांच के बाद हर सप्ताह 2 से 3 बच्चों में स्क्रबटायफस के लक्षण मिल रहे हैं। इमरजेंसी और वार्ड में ऐसे बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। -प्रो.सुनील राव, बाल रोग विभाग, बीएचयू
इन दिनों ओपीडी में बुखार, मांशपेशियों में दर्द की समस्या वाले बच्चे अधिक आ रहे हैं। जांच के बाद कुछ बच्चों में स्क्रबटायफस की पुष्टि हो रही है। स्क्रबटायफस में तेज बुखार होता है। चौथे-पांचवें दिन मांशपेशियों में दर्द, कुछ बच्चों में सांस फूलने की समस्या भी मिलती है। इस समय ओपीडी में आने वाले 100 बच्चों में 50 में इस तरह की समस्या मिल रही हैं। तीन दिन तक अगर बुखार छोड़े तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाकर जांच करवानी चाहिए। -डॉ. अशोक राय, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय बाल अकादमी
अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर वाली समस्या ज्यादातर मरीजों में मिल रही है।पिछले एक सप्ताह से हर दिन 70 से 80 मरीज बुखार वाले आ रहे हैं। कुछ लोग जोड़ में दर्द के साथ ही जुकाम की समस्या भी बता रहे हैं। सभी को बदलते मौसम में सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। -डॉ.मनीष यादव, फिजिशियन, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
अस्पतालों में पर्चा काउंटर, दवा काउंटर तक भीड़
अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों के खुलते ही ओपीडी, दवा, जांच काउंटर के साथ ही पर्चा कटाने के लिए मरीजों की भीड़ दिखने लग रही है। इस वजह से लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही अन्य अस्पतालों में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की भीड़ इतनी रही कि अंदर डॉक्टर को दिखाने वालों के साथ ही बाहर बैठकर इंतजार करते भी लोग नजर आए।
क्या है स्क्रबटायफस के लक्षण
- तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द।
- कुछ मरीजों में शरीर पर दाने भी दिखाई दे सकते हैं।
- कुछ बच्चों में बुखार के साथ ही शरीर पर दाने भी निकलते हैं।
- तेज बुखार के साथ कमजोरी महसूस होना।
- भूख न लगना, कुछ मामलों में पेट में दर्द होना।
यह है बचाव के उपाय
- शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होने देना चाहिए।
- तीन दिन तक बुखार न छोड़े तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा देने, जांच कराने से बचना चाहिए।