पाया कि इसकी कम एक्सप्रेशन वाले जेनेटिक्ली मोडिफाइड चूहों ने सामान्य चूहों की तुलना में अपने डिजिट्स पर असामान्य पैटर्न विकसित किए। यह भी पता चला है कि हाथ और फिंगरप्रिंट पैटर्न का अनुपात आपस में संबंधित है।
डॉ. चंदना ने बताया की चूहों में कोई फिंगरप्रिंट नहीं होते हैं, लेकिन लकीरें पाई जाती हैं। जिनकी गणना बहुत ही दिलचस्प थी। इसके लिए हमने एक नई विधि ईजाद की। सीजीडी के समन्वयक प्रो. परिमल दास ने कहा नई तकनीकी जैसे, जीन अध्ययन, प्रोटीन नेटवर्क, पॉप्यूलेशन जेनेटिक्स का इस्तेमाल कांप्लेक्स ट्रेट के अध्ययन में बहुत लाभकारी है और समय की मांग भी है।
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा अंग विकास के साथ फिंगरप्रिंट पैटर्न का जुड़ाव विकासात्मक जीव विज्ञान का एक नया आयाम है जिसके महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं।