प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मेहमानों के स्वागत के लिए वाराणसी के स्कूल भी तैयार किए जाएंगे। इसमें प्रवासियों को देश की माटी और विदेश की खुशबू से जोड़ा जाएगा। स्कूलों को अलग अलग देशों का प्रतीक बनाकर उन्हें अपनेपन का अहसास कराया जाएगा। डीएम सुरेंद्र सिंह ने मंडलायुक्त सभागार में प्रधानाचार्यो की बैठक में रुपरेखा तैयार की।
प्राथमिक विद्यालयों को प्रवासी भारतीय सम्मेलन का प्रतीक बनाया जाएगा। हर विद्यालय अलग अलग देशों की खासियत बताएंगे। वहीं की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों से रूबरू कराएंगे।
डीएम ने कहा कि जिले के हर ब्लॉक से 25-25 विद्यालयों का चयन किया जाएगा। हर एक विद्यालय अलग अलग देशों के प्रतीक बनेंगे। वहां उस देश की समस्त जानकारियां अंकित की जाएगी। वहां का राष्ट्रीय चिह्न, भौगोलिक परिवेश, मानचित्र, जनसंख्या, वहां की राजधानी, भाषा-संस्कृति की सभी जानकारी विद्यालय में मिलेंगी।
विद्यालयों में इसके मद्देनजर बच्चों में प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। जो विद्यालय जिस देश के प्रतीक होंगे, उसकी समस्त जानकारियां बच्चों को प्रतियोगिता के माध्यम से दी जाएगी। डीएम ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यो एवं प्रबन्धकों से कहॉ कि यदि वे अपने यहां प्रवासी भारतीयों को ठहराना चाहते है, तो इसका रजिस्ट्रेशन भी वे शीघ्र करा लें।