वाराणसी। जिले में सरकारी प्राइमरी स्कूल 1 जुलाई से खुल जाएंगे लेकिन अभी केवल शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को स्कूल आना होगा। वहीं शिक्षकों को इस बीच बच्चों तक किताबें पहुंचाना और यूनिफार्म बंटवाने का काम पूरा करना है। वही समर्थ ऐप के जरिए दिव्यांग बच्चों का नामांकन ऐप पर किया जाना है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने आदेश जारी कर दिया है। एक जुलाई से शिक्षकों प्रधानाध्यापक स्कूलों में मौजूद रहकर जरूरी काम पूरा करेंगे। इसमें सबसे पहले शारदा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करना है। दीक्षा ऐप के जरिए शिक्षकों को अपना प्रशिक्षण भी पूरा करना है। वहीं राज्य सरकार द्वारा विकसित आधारशिला, ध्यानाकर्षण और प्रशिक्षण संग्रह का प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है। इसका प्रशिक्षण 20 जुलाई से खंड शिक्षा अधिकारी 25- 25 शिक्षकों का बैच बनाकर देंगे। इस बीच समर्थ ऐप से दिव्यांग बच्चों को जोड़ने के लिए शिक्षकों को गांवों में घूमकर ऐसे बच्चों को ऐप पर पंजीकृत करना है और इनके लिए शैक्षणिक योजना तैयार करना है।