यूपी के गाजीपुर जिले में एक स्कूली बस अनियंत्रित हो सड़क किनारे पानी भरे खेत में पलट गई। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। आसपास खेतों में मौजूद किसानों ने आनन-फानन में बस का शीशा तोड़ कर अंदर फंसे करीब साठ छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला।
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दुर्घटना में छह छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य सवार सभी छात्र-छात्राएं घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्र-छात्राओं को एंबुलेंस से उपचार के लिए भिजवाया। हादसा सादात थाना क्षेत्र के कट्या गांव के पास मंगलवार की सुबह करीब सात बजे हुआ।
माधुरी बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिशुआ पार की बस करीब 60 छात्रों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस में सवार शिक्षिका दीप शिखा श्रीवास्तव की माने तो चालक मोबाइल से बात कर रहा था। रफ्तार अधिक होने की वजह से कट्या गांव के पूरब तिराहे पर बस अनियंत्रित होकर पटरी पर उतर गई।
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अगला दाहिना पहिया मिट्टी में धंस गया और बस दाहिने तरफ टेढ़ी हो गई। चालक बस को निकालने के लिए आगे-पीछे करने लगा। इसी बीच बस पानी भरे खेत में पलट गई। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में छह छात्र घायल हो गए।
मामले में अभिभावकों या विद्यालय के प्रबंधक द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है। प्रबंधक अमरनाथ राय ने बताया कि चालक की लापरवाही की वजह से बस पलटी है। ऊपर वाले का शुक्र है कि बच्चे-बच्चे बाल-बाल बच गए। मेरी तरफ से किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई है।
संयोग था कि आबादी के बीच पलटी बस
बस में फंसे छात्रों को शीशा तोड़ कर बाहर निकाला गया
- फोटो : अमर उजाला
इस हादसे में कक्षा एक की ब्यूटी यादव, कक्षा तीन के अमित यादव, कक्षा सात की श्रुति, एलकेजी के अर्पित और रोहित घायल हो गए। जबकि अन्य छात्र भी हल्के रूप से चोटिल हो गए।
कट्या गांव के पास मंगलवार की सुबह छात्र-छात्राओं से भरी स्कूली बस पलटने की लोगों में चर्चा होती रही। लोग ऊपर वाले की दुहाई देते रहे कि किसी छात्र का जीवन इस हादसे का शिकार नहीं हुआ।
लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल रही कि यह संयोग ही था कि बस आबादी वाले उस इलाके में पहुंची, जहां लोग तत्काल ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बस में फंसे छात्रों को बाहर निकाला।
यदि किसी ऐसे इलाके में पलटी होती, जहां आबादी नहीं होती तो छात्रों को समय से बस से निकाला जाता और कोई बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि बस पलटने के बाद भी चालक भी मौके से फरार हो गया था।
...और घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
रोज की तरह मंगलवार की सुबह भी अभिभावकों ने बच्चों को ड्रेस पहनाने और बैग में टिफिन रख दिया। निर्धारित समय पर एक के बाद एक छात्रों के दरवाजे पर बस पहुंची गई और बच्चे उसमें सवार होते गए। विभिन्न स्थानों पर करीब साठ बच्चे बस में सवार हो गए।
इसी बीच चालक की लापरवाही की वजह से कट्या गांव के तिराहा के पास बस पानी भरे खेत में पलट गई। जैसे ही बच्चों को अभिभावकों को बस पलटने की सूचना मिली, वह बदहवास होकर घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। जैसे ही मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को सही-सलामत देखा आखों में खुशी के आंसू लिए उन्हें गले लगाते हुए ऊपर वाले को इस बात दुहाई देने लगे कि उनके बच्चे सकुशल हैं।
स्कूल की बस पलटने की सूचना मिलते ही जहां बच्चों के अभिभावकों में अफरा-तफरी मच गई, वहीं विद्यालय प्रशासन में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को लेकर हड़कंप मच गया। प्रबंधक अमरनाथ राय ने स्कूल की छुट्टी कर दी और शिक्षकों-कर्मचारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। जब उन्होंने देखा कि सारे बच्चे सही-सलामत हैं, तो उन्होंने राहत की सांस ली।