इस संबंध में बोर्ड सचिव की ओर से एडीजीपी क्राइम को शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में जालसाजी के मामले दर्ज किए गए थे। इसी क्रम में थाना कोसली में 10 अगस्त 2022 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान रेवाड़ी जिले में फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिये परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 19 विद्यार्थियों की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस ने मामले में विद्यार्थियों को फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने वाले 12 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनमें झज्जर के माजरा निवासी जतिन, महेंद्रगढ़ निवासी नरेश शर्मा व दलीप गोस्वामी, रोहतक निवासी आशीष व पवन कुमार, बिहार निवासी मुकेश कुमार, राजस्थान निवासी अशोक कुमार व गौरव गुप्ता, फरीदाबाद निवासी ओमकुमार, मुंबई निवासी आरुषी श्रीवास्तव उर्फ कोकिल श्रीवास्तव तथा प्रयागराज निवासी राकेश कुमार और सुशांत सिंह उर्फ कुंवर प्रशांत सिंह शामिल हैं।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने राजमान गौड़ को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में उसकी भूमिका और फर्जी प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।