इसके लिए कुल 77 लाख 98 हजार का भुगतान किया गया है। जांच अधिकारी ने पाया कि एक सबमर्सिबल पंप पर औसतन 30 से 35 हजार का खर्च आता है लेकिन नगर पंचायत द्वारा इन पर औसतन 84763 रुपये का भुगतान किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 46 लाख की अनियमितता पाई गई। इसी प्रकार नगर पंचायत में एलईडी लाइट लगाने को लेकर वर्ष 2016- 17 से 18- 19 तक कुल 364 एलईडी लाइट खरीद में भी 12 लाख 68 हजार रुपये का घोटाला हुआ।
जिलाधिकारी की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने नगर पंचायत अध्यक्ष शकील अंसारी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। नगर पंचायत के प्रशासनिक व वित्तीय कार्यो के निष्पादन के लिए उप जिलाधिकारी अथवा इनके ऊपर के स्तर के अधिकारी को नियुक्त करने का निर्देश दिया है।