दिनेश लाल यादव उर्फ 'निरहुआ' के भाजपा में शामिल होने और उनके आजमगढ़ से चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच सोशल मीडिया पर 'निरहुआ' को प्रत्याशी बनाने की खबरें पटी पड़ी है। 'निरहुआ' के चुनाव लड़ने को लेकर कई तरह के कमेंट किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रत्याशी के चुनाव लड़ने की मांग ने भी जोर पकड़ लिया है। कई लोग हैरानी जता रहे हैं कि क्या आजमगढ़ में कोई ऐसा भाजपा नेता नहीं है जो जनपद का प्रतिनिधित्व कर सके।
यहां तक कि कुछ लोगों ने जनपद की जनता की मर्जी से अपना प्रत्याशी उतारने की भी वकालत की है। किसी ने तो यहां तक कहा कि जिसे मौका मिला उसने आजमगढ़ को ठगा, रमाकांत को कई बार मौका मिला लेकिन कुछ नहीं किया, अकबर अहमद डंपी को मिला तो भाग लिए, मुलायम सिंह यादव को मिला तो मुंह मोड़ लिए।
कुछ लोगों ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट देने की अपील भी कर दी। वहीं कुछ लोगों की राय थी कि जो 'निरहुआ' कभी सपा के लिए वोट की गुहार करता था वही अब आजमगढ़ से सपा मुखिया के खिलाफ बिगुल बजाएगा। वहीं चर्चाओं के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस बात को लेकर रोष है।
बताते चलें कि भाजपा से टिकट के लिए कई दिग्गज नेता पहले से लाइन में लगे हैं। इनमें पूर्व सांसद रमाकांत यादव, अखिलेश मिश्रा गुड्डू, सहजानंद राय, सत्येंद्र राय छोटू आदि शामिल है। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह निरहुआ को प्रत्याशी बनाए जाने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। हो सकता है कि वह पार्टी के स्टार प्रचारकों में रहें। वैसे शीर्ष नेतृत्व का जो भी निर्णय होगा वह मान्य होगा।