जारी निर्देशों के मुताबिक इन कांवड़ मार्गों पर मीट, मछली और अंडे की दुकानों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। प्रत्येक दुकान पर खाद्य पदार्थों की रेट लिस्ट लगाना, खाद्य सामग्री को ढककर रखना और परिसर में स्वच्छता बनाए रखना भी अनिवार्य किया गया है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग की ओर से प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट एप के साइनेज भी लगाए जा रहे हैं। इसके माध्यम से श्रद्धालु और उपभोक्ता खाद्य गुणवत्ता या अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। विभाग का कहना है कि इससे शिकायतों के त्वरित निस्तारण में भी मदद मिलेगी।
सहायक आयुक्त, खाद्य विभाग कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि सावन के दौरान पूरे शहर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिन प्रतिष्ठानों पर निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन, गंदगी, बिना लाइसेंस संचालन या रेट लिस्ट प्रदर्शित न करने जैसी अनियमितताएं मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दुकानदारों पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।