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सावन में काशी होगी शिवमय: बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक को उमड़ेगी भक्तों की भीड़, 30 जुलाई से हो रहा आगाज

Tue, 21 Jul 2026 06:13 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

30 जुलाई से सावन शुरू होगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सावन में काशी में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक यात्राएं निकलेंगी। पूरे महीने भक्तों का रेला लगा रहेगा। 
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sawan 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान शिव के भक्तों को अब सावन का इंतजार है। 10 दिन बाद यानी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास में देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के शिवालयों और देवालयों में जलाभिषेक, पूजन-अर्चन और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। द्वादश ज्योतिर्लिंग, चारधाम सहित विभिन्न धार्मिक यात्राएं निकाली जाएंगी। कांवड़ियों के जत्थे श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इस बार सावन में चार सोमवार तथा पांच-पांच बृहस्पतिवार और शुक्रवार पड़ेंगे।

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30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा श्रावण मास
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण वर्ष का पांचवां मास है और यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान श्री काशी विश्वनाथ सहित सभी प्रमुख शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक, सामूहिक पार्थिव शिवलिंग पूजन, बेलपत्र अर्पित करना, सावन सोमवार व्रत, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शिवमहापुराण कथा का श्रवण विशेष महत्व रखता है। 

इसके अलावा कांवड़ यात्रा, पंचक्रोशी यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक यात्राएं भी निकाली जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस मास में किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है। बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय 'लिंगिया' ने बताया कि सावन भर श्रद्धालु भगवान शिव की उपासना करते हैं। इस दौरान शिव यात्राओं के साथ दुर्गा यात्राएं निकालने की भी परंपरा है।

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54 वर्षों से निकल रही बैजनाथ धाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग व एकादश महारुद्र लिंग यात्राएं
धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के शिष्य ब्रह्मलीन दंडी स्वामी शिवानंद सरस्वती द्वारा स्थापित काशी प्रदक्षिणा दर्शन यात्रा समिति की ओर से वर्ष 1972 से सावन में प्रदक्षिणा एवं दर्शन-पूजन यात्राएं निकाली जा रही हैं। समिति के संचालक उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि दो अगस्त को केदारेश्वर अंतर्गृही प्रदक्षिणा दर्शन-पूजन यात्रा श्री गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर से निकलेगी। इस दौरान श्रद्धालु काशी के 145 शिवालयों में जलाभिषेक और दर्शन करेंगे। द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा नौ अगस्त को श्री गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाएगी। 16 अगस्त को त्रिशूल यात्रा डुमरांव बाग (अस्सी) से शूलटंकेश्वर महादेव तक जाएगी। 23 अगस्त को एकादश महारुद्र लिंग प्रदक्षिणा यात्रा दुर्गा मंदिर (दुर्गाकुंड) से श्री काशी विश्वनाथ तक निकलेगी। 24 अगस्त को बैजनाथ धाम यात्रा अस्सी घाट से बैजनाथ धाम (बैजनत्था) तक जाएगी।

तीन अगस्त को सावन का पहला सोमवार
सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा। बृहस्पतिवार 30 जुलाई, 6 अगस्त, 13 अगस्त, 20 अगस्त और 27 अगस्त को होंगे। शुक्रवार 31 जुलाई, 7 अगस्त, 14 अगस्त, 21 अगस्त और 28 अगस्त को पड़ेंगे।
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श्रावण मेले और कथाओं की भी रहेगी धूम
सावन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मेले और धार्मिक कथाओं का आयोजन होगा। शिव महापुराण और श्रीमद्भागवत कथा के साथ मानस कथा और विष्णु पुराण कथा का भी आयोजन किया जाएगा। दुर्गाकुंड, सारंगनाथ, मार्कंडेय महादेव और शूलटंकेश्वर महादेव मंदिरों में जलाभिषेक के साथ पूरे श्रावण मास तक मेले का आयोजन होगा।
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