फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी का खास शिव मंदिर: क्षय रोग का नाश करते हैं सोमेश्वर महादेव, गुजरात के सोमनाथ की ही है प्रतिकृति

Mon, 12 Aug 2024 03:46 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी खंड के अनुसार वाराणसी में सोमेश्वर ज्योतिर्लिंग मान मंदिर घाट के समीप है। श्रद्धालु मान मंदिर की गलियों में डी-16/34 में सोमेश्वर महादेव के दर्शन कर सकते हैं।
विज्ञापन
सोमेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काशीवासियों को काशी में ही 33 कोटि देवी-देवता, तीर्थ, यक्ष और गंधों के दर्शन सुलभ हैं। बाबा विश्वनाथ के आगमन के साथ ही सभी उनके साथ काशी में ही विराजमान हो गए थे। द्वादश ज्योतिर्लिंग में प्रथम सोमेश्वर महादेव भी भगवान शिव के साथ काशी आए थे।

विज्ञापन




शिव महापुराण में सोमेश्वर ज्योतिर्लिंग के महात्म्य के संबंध में कथा वर्णित है कि महात्मा प्रजापति दक्ष ने चंद्रदेव को क्षयरोग से ग्रसित होने का शाप दे दिया। चंद्रदेव क्षीण हो गए। इससे चारों ओर हाहाकार मच गया। तव देवताओं और ऋषियों के कहने पर ब्रह्माजी की आज्ञा के अनुसार चंद्रदेव ने प्रभास क्षेत्र में छह महीने तक निरंतर तपस्या की और मृत्युंजय मंत्र से भगवान शिव का पूजन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव उनके समक्ष प्रकट हुए। चंद्रदेव ने भगवान शिव से अपने क्षय रोग के निवारण का अनुरोध किया। मान्यता है कि सोमनाथ का पूजन करने से शिवजी उपासक के क्षय तथा कुष्ठ आदि रोगों का नाश कर देते हैं।

काशी में स्थित सोमेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में काठियावाड़ के प्रभास क्षेत्र में स्थित सोमनाथ की प्रतिकृति हैं। काशी खंड के अनुसार वाराणसी में सोमेश्वर ज्योतिर्लिंग मान मंदिर घाट के समीप है। श्रद्धालु मान मंदिर की गलियों में डी-16/34 में सोमेश्वर महादेव के दर्शन कर सकते हैं। काशीखंड में स्कंदजी अगस्त्य मुनि से कहते हैं जब देवाधिदेव महादेव काशी आए तो सभी 33 कोटि देवता अपने- अपने स्थानों पर अंशमात्र रहकर काशी चले आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें