हरि अनंत हरि कथा अनंता... अर्थात जिस तरह से भगवान अनंत हैं उसी तरह से उनकी कथाएं भी अनंत हैं। बात जब शिव नगरी की होती है तो शिव के अनंत स्वरूप में यहां कण-कण में विराजमान शिव की भी कथा भी निराली है। इसलिए कहा गया है कि प्रयाग मुंडे, गया पिंडे और काशी ढूंढे...। काशी में जितना ढूढेंगे उतने ही शिव स्वरूपों से साक्षात्कार होगा।
अन्नपूर्णा मंदिर में विराजमान कुबेरेश्वर महादेव भक्तों को धन प्रदान करने के साथ ही पाप, दरिद्रता और दुख को दूर करते हैं। कुबेरेश्वर के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को कभी न धन की हीनता (कमी) होगी, न मित्र से वियोग होगा। जो मनुष्य विश्वेश्वर के दक्षिण-भाग में स्थित इस कुबेरेश्वरलिंग का दर्शन-पूजन करेगा, वह कभी न तो पाप से, न दरिद्रता से और न दुःख से लिप्त होगा। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कुबेर ने काशी में तपस्या की और शिवलिंग पर दीप जलाकर नियमित तप करने लगे।