काशी विश्वनाथ धाम जाने के लिए बाबा भक्तों की भीड़
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सावन के छठे सोमवार पर सुरक्षा को लेकर विशेष चौकसी बरती गई। गंगा के घाटों से लेकर बाबा के दरबार तक चाक चौबंद व्यवस्था है। शिव भक्तों की सेवा के लिए विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने सेवा शिविर लगाए। मैदागिन स्थित विद्युत उपकेंद्र के पास इंडियन यूथ फाउंडेशन, लक्सा स्थित मारवाड़ी संघ के सामनेमारवाड़ी युवक संघ, गोदौलिया पर नागरिक सुरक्षा की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। रथयात्रा स्थित कांवरिया शिविर में कांवरियों की चंपी भी कराई गई।
सावन के छठवें और पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार को शिवभक्त पुत्र प्रथमेश के साथ भगवान शंकर और मां पार्वती का श्रृंगार होगा। श्रद्धालुओं को महादेव के इस स्वरूप के दर्शन सप्तऋषि आरती के बाद मिलेंगे। अब तक भक्त बाबा के पांच अलग-अलग स्वरूपों का दर्शन कर चुके हैं। भक्तों ने अब तक हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा, गौरी शंकर स्वरूप, अमृत वर्षा स्वरूप, भागीरथी स्वरूप, तपस्यारत पार्वती स्वरूप के श्रृंगार के दर्शन किए हैं। सातवें सोमवार को देवाधिदेव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का शृंगार होगा और अंतिम व आठवें सोमवार को महादेव का रुद्राक्ष श्रृंगार होगा।
भक्तों ने अब तक हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा, गौरी शंकर स्वरूप, अमृत वर्षा स्वरूप, भागीरथी स्वरूप, तपस्यारत पार्वती स्वरूप के श्रृंगार के दर्शन किए हैं। सातवें सोमवार को देवाधिदेव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का शृंगार होगा और अंतिम व आठवें सोमवार को महादेव का रुद्राक्ष श्रृंगार होगा।