वाराणसी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले घाटों पर पानी भर गया है, जिससे घाटों का आपस में संपर्क टूट गया है। साथ ही हर साल की तरह इस बार भी शवदाह का स्थल बदलना पड़ गया। गुरुवार को मणिकर्णिका घाट की मढि़यों की छतों पर शवदाह किए गए। उधर, हरिश्चंद्र घाट पर भी शवदाह सीढि़यों पर हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गुरुवार को गंगा का जलस्तर 63.47 मीटर दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब पांच मीटर ज्यादा है। इसे देखते हुए गंगा तट पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण गंगा के जलस्तर में पिछले छह दिनों से बढ़ोत्तरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 24 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अब गंगा सामान्य जलस्तर 58.50 मीटर से पांच मीटर ऊपर बह रही हैं। इसके चलते दशाश्वमेध और शीतला घाट पर होने वाली आरती का स्थल बदल दिया गया है। वहीं तक एक-दूसरे से जुड़े अधिकतर घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है।
उधर, मणिकर्णिका घाट के शवदाह प्लेटफार्म पर पानी भर गया है। लिहाजा अब शवदाह श्मशान नाथ महादेव मंदिर के बगल में और छत के ऊपर किए जाने लगे हैं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम घाटों के किनारे अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर बुधवार को 63.23 मीटर था जो गुरुवार को 63.47 मीटर पर पहुंच गया। प्रति घंटे एक सेमी जलस्तर बढ़ने को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लोगों सावधानी बरतने को कहा गया है। नाविकों को भी सतर्क किया गया हैं।