वाराणसी। मोक्ष नगरी में अंतिम संस्कार को आने वाले पार्थिव शरीर को ढोने के लिए गंगा में मोटर बोट उपलब्घ होंगे। शनिवार को अस्सी घाट पर आयोजित समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली और संत मोरारी बापू संयुक्त रूप से ‘जल शव वाहिनी’ सेवा की शुरुआत करेंगे।
राजघाट के पास भैंषासुर घाट पर शव स्टैंड बनाया गया है। यहीं शव ढोने वाला मोटर बोट 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
पीएम मोदी की पहल पर अहमदाबाद की संस्था सुधांशु मेहता फाउंडेशन की ओर से काशी को आठ जल शव वाहिनी मोटर बोट उपलब्ध कराए गए हैं। दो मोटर बोट आ चुके हैं जबकि शेष छह जल्द ही आ जाएंगे।
जल शव वाहिनी सेवा के स्थानीय व्यवस्थापक योगेश सिंह बबलू के अनुसार शव वाहन वाले मोटर बोट की 24 घंटे नि:शुल्क सेवा मिलेगी। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट दोनों के लिए मोटर बोट मिलेंगे।
मोटर बोट पर 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। शव यात्रा के दौरान इस पर रामधुन बजता रहेगा। बताया कि जल्द ही शव ढोने वाले चार अन्य चार पहिया वाहन भी गुजरात से आएंगे। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर फोन कर मृतक के परिवार के लोग शव वाहन को अपने घर तक मंगा सकेंगे।