वाराणसी। हेरिटेज सिटी डेवलेपमेंट एंड अागोमेंटेशन योजना (हृदय) के बारे में शुक्रवार को नगर निगम में आयोजित कार्यशाला का माहौल उस समय अचानक तल्ख हो गया जब शहर का दर्द बयां कर रहे महापौर रामगोपाल मोहले ने शहरी विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों से दो टूक शब्दों में कहा कि प्रयोगशाला न बनाएं बनारस को, कुछ तो काम होता दिखे।
यहां जो भी आ रहा है उसके पास सिर्फ योजनाएं हैं, काम कुछ नहीं हो रहा। इस पर प्रतिनिधियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि न सिर्फ सुझावों पर विचार होगा बल्कि निर्धारित योजनाएं भी जल्द शुरू कराई जाएंगी। मोहले के सवालों के बीच कार्यशाला 45 मिनट में ही खत्म हो गई।
हेरिटेज सिटीज की प्रोजेक्ट डायरेक्टर शुभा ठाकुर और एनजीओ केएमपीजी के प्रतिनिधि ‘हृदय’ पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के लिए शुक्रवार को नगर निगम पहुंचे। कार्यशाला शुरू हुई, हेरिटेज संरक्षण के स्थानीय जानकारों पर बात हो रही थी। तभी महापौर मोहले ने आपत्तियां रखनी शुरू कीं।
उनकी बात पर वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्र भी सहमति जताते हुए शहरी विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों को घेरने लगे। महापौर ने कहा कि लोग इंटरनेट के सहारे डाटाबेस तैयार करते हैं। बनारस में बिना घूमे, बिना जाने यहां के लिए हवा-हवाई योेजनाएं बनाते हैं।
कचरा प्रबंधन, एसटीपी, डब्ल्यूटीपी, पेयजल आपूर्ति की समस्या जस की तस है। इसलिए आप जो भी योजनाएं बनाएं वह शहर को देख और समझ कर बनाएं और उसका फालोअप हो। साथ ही, जवाबदेही तय हो कि अगर लक्ष्य नहीं मिला तो कसूरवार कौन होगा। इस दौरान नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, जीएम जलकल बीके पांडेय, जीएम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जेबी राय सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।