पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि सौरभ के पिता सुरेश सिंह उसके परिवार को पट्टीदारों से मिलकर परेशान कर रहे थे। कुछ मामलों को लेकर उसके परिवार के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज करवाए थे। इसको लेकर उसका पूरा परिवार परेशान था। बताया कि इसके पहले भी गांव में वर्चस्व की जंग को लेकर दो हत्याएं की गई थीं। जिसमें गांव के ही राहुल सिंह का नाम था, जो अभी गोरखपुर जेल में बंद है।
उससे हत्यारोपी का मिलना-जुलना था। राहुल के साथ मिलकर वह अपने गांव में अपना वर्चस्व बनाना चाहता था, लेकिन सौरभ सिंह और उसके पिता सुरेश सिंह इसमें रोड़ा बन रहे थे। इसी बात को लेकर सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। घटना के दिन गांव से बरात गाजीपुर जनपद गई थी। बारात में सौरभ के जाने की जानकारी होने पर वह भी गया था। करीब दस बजे वह घर आ गया और सौरभ की हत्या करने का इंतजार करने लगा।
करीब रात एक बजे घर के पास आने पर उसकी तीन गोली मारकर हत्या कर दी। उसने अपने पिता जयनारायण सिंह को सारी बातें बताईं और उसके सहयोग से तमंचा को पास के ही एक झाड़ी में छुपा दिया। उसके बाद वे घर में ही सो गये। अभियुक्त की निशानदेही पर असलपुर गांव से ही तीन तमंचे बरामद किये गए तथा वहीं से जयनारायण सिंह को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चिरैयाकोट प्रवीण कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी अमित मिश्र, स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी थे।