देश में फैली अशांति को रोकने और गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चौरीचौरा से शुरू हुई सत्याग्रहियों की पदयात्रा बीते मंगलवार को जिले में रोक दी गई। जिला पुलिस द्वारा पदयात्रा में शामिल नौ सत्याग्रहियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। सभी सत्याग्रही जिला जेल में गुरुवार की शाम भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसे लेकर जेल प्रशासन परेशान है।
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चौरीचौरा से निकली यह पदयात्रा दिल्ली के राजघाट में समाप्त होनी थी, लेकिन जनपद पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया। ये सत्याग्रही 225 किलोमीटर की यात्रा तय कर चुके थे। उनके यात्रा का मकसद गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना था। अब गिरफ्तारी के बाद जेल में सभी ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
ये भूख हड़ताल गुरुवार को शाम पांच बजे से शुरू हुई है। भूख हड़ताल करने वालों में जेल में निरुद्ध पत्रकार प्रदीपिका सारस्वत, यात्रा के संयोजक मनीष शर्मा, शेष नारायण ओझा, अतुल यादव, प्रवेश कुमार पांडे, नीरज राय राज, अभिषेक रविंद्र कुमार, रवि मुरारी कुमार, अनंत शुक्ला शामिल हैं। सभी ने भूख हड़ताल करने की सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।
सत्याग्रहियों ने डीएम को लिखा पत्र
डीएम को लिखे पत्र में सत्याग्रहियों ने कहा है कि हम लोग शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। इस बीच यूपी पुलिस ने हमें गिरफ्तार कर हमारे ह्यूमन राइट को कुचला है। हमारी गिरफ्तारी बिना किसी वजह के की गई है।