बीसीईएस (ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी) के परिपत्र संख्या 09/2012 और भारतीय वायरलेस अधिनियम के धारा 06 और भारतीय टेलीग्राम अधिनियम 20 के तहत भारत में आम नागरिकों के लिए सेटेलाइट फोन प्रतिबंधित है। इसका प्रयोग भारत में सेना के उच्चाधिकारी ही कर सकते हैं जबकि अमेरिका, चाइना, मैक्सिको, रशिया, जापान सहित कई देशों में कुछ औपचारिकता के बाद आम नागरिक भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।
27 नवंबर को बनारस पहुंचे थे दोनों पर्यटक
पूछताछ में मालूम चला कि रशियन पर्यटक अपने मित्र के साथ 26 नवंबर को दिल्ली पहुंचे थे वहां से आगरा घूमने गए। फिर से दिल्ली आकर 27 नवंबर बुधवार की शाम वाराणसी पहुंचे थे और गुरुवार को वापस दिल्ली जा रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पर्यटक नदेसर स्थित ताज होटल के नदेसर पैलेस में ठहरे थे। इस दौरान शहर के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर घूमते रहे लेकिन सेटेलाइट फोन होने की भनक किसी को भी नहीं लगी।
दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम विभाग की लापरवाही
आमतौर पर जब भी विदेश से कोई भी देशी या विदेशी यात्री आता है तो कस्टम विभाग द्वारा उसकी और उसके सामानों की जांच की जाती हैं और कुछ भी आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर कस्टम द्वारा उसे रोका जाता है और कार्यवाही की जाती है। लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद आराम से दोनों यात्री सेटेलाइट फोन सहित एयरपोर्ट से बाहर आ गए, जबकि घरेलू एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की जांच नहीं की जाती है क्योंकि उनको विमान में सवार होने से पूर्व ही अच्छी तरह से जांच कर ली जाती है।