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यूपी: सरयू नदी का बांध 24 की बाद भी नहीं हुआ ठीक, मरम्मत का काम जारी

Tue, 04 Aug 2020 03:27 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सरयू नदी का बांध टूटने गांव में घुसा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में छोटी सरयू नदी स्थित जोकहरा बांध के सहनूपुर गांव के पास टूटे हिस्से को 24 घंटे चली कार्यवाही के बाद भी बांधा नहीं जा सका है। सरकारी अमला मंगलवार सुबह से एक बार फिर मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।

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डीएम राजेश कुमार मातहतों के संग सुबह तक बंधे पर ही जमे रहे और हालात पर नजर रखे रहे, लेकिन टूटे बंधे ने बाढ़ राहत की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। मौके पर संसाधनों का घोर अभाव देखा गया। न से बल्लियों का प्रबंध हो पा रहा था और न ही मिट्टी का। रात में संसाधन उपलब्ध नहीं होने से काम ठप हो गया।


सहनूपुर गांव के पास जोकहरा बांध में हुए कटान से 23 गांव की लगभग 30 हजार की आबादी प्रभावित है। गांवों में पानी घुस गया है। सहसपुर और टेकनपुर में लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे सामान खराब हो गया है।

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गांव के लोग अब बांध पर शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं। बांध को बंद करने के लिए सोमवार को पूरे दिन और रात में भी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों के साथ ग्रामीण जुटे रहे। कटान की मरम्मत करने के लिए उसमें बांस आदि काटकर डाले गए, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई जुगाड़ काम नहीं आ रही थी।

घाघरा नदी का पानी तेजी से अंदर आ हा था, जो कटान हुए बंधे के स्थान पर कोई भी वस्तु डालने पर उसे बहा ले जा रहा था। शाम को पानी का दबाव कम होने पर बल्ली आदि को लगाया गया। लेकिन रात में काम पूरा नहीं हो पाया।
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धरने पर बैठे ग्रामीण
टूटा बांध बंद न होने पर मंगलवार सुबह छह बजे ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसडीएम को घेर लिया। ग्रामीण गांव के डूबने से आक्रोशित थे। अधिकारी जल्द इसे बंद करने की बात कह रहे थे, लेकिन ग्रामीण आक्रोशित हो रहे थे।

सभी काम बंद कर वहीं धरने पर बैठ गए। एडीएम और एसडीएम के साथ बलिया से आए एसई सिंचाई बीपी सिंह ने ग्रामीणों को समझाया। कहा कि दो घंटे में स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा। एक घंटे बाद ग्रामीण माने। धरने पर नारद पटेल, संदीप पटेल, अभय पटेल, श्री निवास पटेल, निजय पटेल, भजुराम पटेल, परमानंद आदि शामिल थे।

सुबह हो गया संसाधनों का प्रबंध
सोमवार रात में जिस मिट्टी और बोल्डरों का प्रबंध नहीं हो पा रहा था उसका मंगलवार सुबह प्रबंध हो गया। महुला गढ़वल बांध के पास एकत्र किए गए बोल्डर और मिट्टी से कटे बांध का पाटने का काम किया जा रहा था। जल्द इसे बंद कर लेने की बात कही जा रही थी।
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