रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘सरपंच संवाद’ में शामिल हुईं केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि टिकाऊ और समावेशी समाज से गांवों में गुणवत्तापूर्ण विकास होगा। उन्होंने कहा कि गांवों में महज बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं करना है, बल्कि हमें एक टिकाऊ और समावेशी समाज भी बनाना है, जहां देश का हर नागरिक गांवों को गुणवत्तापूर्ण गांवों में बदलने की दिशा में काम करे।
वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ग्राम प्रधानों को सशक्त बनाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत संकल्प यात्रा में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वह रविवार को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘सरपंच संवाद’ में ग्राम प्रधानों को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान देशभर के सफल सरपंचों ने तरक्की की राह दिखाई।
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उन्होंने कहा कि गांवों में महज बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं करना है, बल्कि हमें एक टिकाऊ और समावेशी समाज भी बनाना है, जहां देश का प्रत्येक नागरिक गांवों को गुणवत्तापूर्ण गांवों में बदलने की दिशा में काम करे। इस मौके पर राजस्थान से पद्मश्री डॉ. श्याम सुंदर पालीवाल, पंजाब से पंथदीप सिंह, मध्य प्रदेश से भक्ति शर्मा, उत्तराखंड से मीनू छेत्री और उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से दिलीप त्रिपाठी ने शामिल होकर अपनी सफलता की कहानियों से तरक्की की राह दिखाई।
प्रधानों ने गांव को विकसित कराने के टिप्स दिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए नौ संकल्पों को पूरा करने के लिए शपथ ली। ‘विकसित भारत @2047’ के लिए गुणवत्तापूर्ण गांवों का निर्माण विषय के तहत आयोजित कार्यक्रम में भारतीय गुणवत्ता परिषद के अध्यक्ष जक्षय शाह ने कहा कि संवाद के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित कर गांवों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि हमने पूरे देश में लगभग 2.5 लाख सरपंचों का एक डिजिटल नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से सरपंच संवाद मोबाइल एप बनाया है।