तथागत की प्रथम उपदेश स्थली बहुत जल्द गूगल पर ग्लोबल होगी। यहां के पुरातात्विक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को बहुत जल्द लोग गूगल पर ऑनलाइन देख सकेंगे। दुनिया भर में कहीं से भी उनके बारे में पूरी जानकारी कर सकेंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सारनाथ को प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए डिजिटल मैपिंग शुरू करा दी गई है।
दुनिया भर में ख्यात यह पर्यटन स्थल बौद्ध अनुयायियों की आस्था का केंद्र है।
इसे डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए पुरातात्विक स्थलों की डिजिटल मैपिंग नेशनल मोनोमेंट अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से कराई जा रही है। डिजिटल मैपिंग करने के बाद इसे गूगल पर अपलोड किया जाएगा।
उसके बाद विश्व में कहीं भी बैठा आदमी एक क्लिक पर सारनाथ के किसी पुरातात्विक स्थल को देख सकेगा। डिजिटल मैपिंग के लिए नेशनल मोनोमेंट अथारिटी ऑफ इंडिया के पटना कार्यालय से धनंजय अपनी टीम के साथ यहां आए हैं।
उनकी टीम भारतीय पुरातत्व एवं संरक्षण की 300 मीटर की सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी पुरातात्विक स्थलों की मापी कर रही है। उनका फोटो, वीडियो बनाया जा रहा है। स्थानों की लोकेशन आदि चिह्नित की जा रही है।
धमेख और चौखंडी स्तूप को आदर्श मोनोमेंट में शामिल किया गया है। गुरुवार को भी पूरे दिन मैपिंग की गई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों का मानना है कि इससे उनके लिए भी मॉनीटरिंग में आसानी होगी।