फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह महीने बाद खुला सारनाथ, प्रवेश को लेकर पर्यटकों और पुरातत्वकर्मियों में नोकझोंक

Mon, 07 Sep 2020 12:23 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग करते कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

भगवान बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ लगभग छह महीने बाद आज सुबह से पर्यटकों के लिए खुल गई है। पर्यटकों के लिए कोरोना वायरस की गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। इन्हीं नियमों को लेकर वहां पर पर्यटकों की कर्मियों से नोंकझोक हो गई।

विज्ञापन

सोमवार को सारनाध के पुरातात्विक खंडहर परिसर में नए नियमों के कारण प्रवेश को लेकर पर्यटकों व पुरातात्विक कर्मियों के बीच नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई। वही लगभग सुबह 10 से लेकर 1 घंटे के बीच में 50 की संख्या में पर्यटक वापस चले गए।


जानकारी अनुसार पुरातात्विक खंडहर परिसर में प्रवेश के लिए ई-टिकट लेना अनिवार्य है। जिसके कारण ई-टिकट कैसे बुक किया जाए, इसकी पेमेंट कहां होगी, इसकी जानकारी नहीं होने से लगभग 50 पर्यटक वापस चले गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं आंध्रप्रदेश, यूएस एनआरआई, हैदराबाद के पर्यटकों ने पुरातात्विक प्रवेश द्वार पर तैनात पुरातात्विक कर्मियों द्वारा पर्यटकों को सम्मान देने व ई टिकट को लेकर नोकझोंक हुआ। लगभग आधे घंटे बाद जाकर 3 पर्यटकों का ई-टिकट स्कैन हो पाया।

आंध्र प्रदेश कि पर्यटक सीता जे, यूएस की एनआरआई विद्या, हैदराबाद के चेतन ने खंडहर प्रवेश में दूर व्यवस्था को लेकर पुरातात्विक कर्मियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। वहीं उन्होंने कहा कि कर्मियों को पर्यटकों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, ये बिल्कुल नहीं आता।

प्रवेश टिकट को लेकर कहा कि जब हम पढ़े लिखे ईटिकटिंग के जाल में आधे घंटे से अंदर-बाहर कर रहे हैं, तो बाकी पर्यटकों का क्या हाल होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें