बसंत पंचमी पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के पूजन की तैयारियां चल रही हैं। शहर से लेकर गांव तक लगभग तीन सौ प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। 16 फरवरी को घरों से लेकर शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती का आह्वान होगा।
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सोमवार 15 फरवरी को रात्रि 4 बजकर 45 मिनट से पंचमी लग रही है जो मंगलवार 16 फरवरी को रात्रि 4 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि ग्राह्य होने से 16 फरवरी को ही बसंत पंचमी मनाई जाएगी। बसंत पंचमी पर घरों से लेकर शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजन का आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज कपूर ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक कुल छह सौ से अधिक जगहों पर मां सरस्वती की पूजा होती है। वहीं लगभग तीन सौ प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। सभी से निवेदन किया गया है कि वह छोटी प्रतिमाएं स्थापित करें और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूजन करें।
सरस्वती फाटक से हुई थी काशी में सरस्वती पूजन की शुरुआत
सरस्वती मंदिर परिवार से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार पद्मपति शर्मा ने बताया कि काशी में सरस्वती पूजन की शुरुआत सरस्वती फाटक से हुई थी। आदि शंकराचार्य ने सरस्वती फाटक पर 1300 साल पहले मां सरस्वती का विग्रह स्थापित किया था। तबसे सरस्वती पूजन की परंपरा अनवरत चली आ रही है।