बनारस घराने के सुप्रसिद्ध सारंगी वादक पंडित संतोष मिश्रा का शनिवार दोपहर लखनऊ के सहारा अस्पताल में निधन हो गया। 64 वर्षीय संतोष मिश्र को पिछले वर्ष ही लखनऊ में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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दो साल पहले वह बीएचयू के संगीत विभाग से सेवा निवृत्त हुए थे। वह पिछले 12 दिनों से बनारस के निजी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें किडनी, शुगर, ब्लड प्रेशर की समस्या थी। स्वास्थ्य में सुधार ना होने पर दो दिन पहले उन्हें लखनऊ ले जाया गया था।
उन्होंने सारंगी की शिक्षा अपने पिता प्रसिद्ध सारंगी वादक पंडित भगवान दास मिश्रा और अपने चाचा प्रसिद्ध सारंगी वादक पंडित नारायण दास मिश्रा से ली थी। उन्होंने सारंगी से ना केवल सोलो वादन किया, बल्कि जाकिर हुसैन, पं किशन महाराज सहित कई देश के कई बड़े कलाकारों के साथ कला का प्रदर्शन किया।
वह सारंगी में गायन शैली के साथ ही ध्रुपद शैली के सिद्धहस्त कलाकार माने जाते थे। उन्होंने विदेशों में भी बनारस घराने की छाप छोड़ी। देर रात तक उनका शव काशी पहुंचेगा। निधन की सूचना से उनके प्रशंसकों और बनारस घराने के कलाकारों में शोक की लहर है।