पंजाब और हरियाणा से आए सेवादारों ने सेवा की कमान भी संभाल ली है। जत्थे के पहुंचने के साथ ही संत रविदास मंदिर में सुबह और शाम की अमृतवाणी का पाठ भी आरंभ हो गया। मेले की रंगत 10 फरवरी से और भी चटख होने लगेगी। मेले की दुकानें भी सजने लगेंगी।
सीर गोवर्धनपुर में लगाए गए टेंट
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संत गुरु रविदास की जयंती की तैयारियां सीर गोवर्धनपुर में तेजी से चल रही है। सीर में अब तंबुओं का शहर सज चुका है। जिला प्रशासन ने भी मेला क्षेत्र में इंतजाम चाक-चौबंद करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शौचालय, पानी, सड़क और बिजली के इंतजाम किए जा रहे हैं।
मंदिर के प्रमुख संत निरंजन दास अपने भक्तों और संतों के साथ 13 फरवरी को पंजाब से रवाना होंगे और 14 फरवरी को काशी पहुंचेंगे। 16 फरवरी के आयोजन में हिस्सा लेने के बाद वह 18 को स्पेशल ट्रेन से पंजाब रवाना होंगे।