सेना में भर्ती की सूची से देश भर के संस्कृत विश्वविद्यालयों को बाहर कर दिया गया है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय समेत बीएचयू का संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय भी नई सूची से बाहर हो गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने इस पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने इस मामले में भर्ती बोर्ड के सेना महानिदेशक को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया है। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि भर्ती महानिदेशालय सेना भर्ती बी (ए) रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय से पिछले दिनों योग्यता निर्धारण की सूची जारी की गई थी। इसमें संस्कृत विश्वविद्यालयों के नाम नहीं है।
अध्यादेश में संशोधन करने की मांग
सेना ने अपनी सूची में बेंगलूरू, चेन्नई, दानापुर, जबलपुर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, शिलांग, जीआरडी कुनराघाट नेपाल, दिल्ली, कैंट जोन के माध्यमिक विद्यालयों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि यहां के संस्कृत महाविद्यालयों को माध्यमिक स्तर की मान्यता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से ही दी जाती है।
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