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सेना भर्ती की सूची से देश भर के संस्कृत विश्वविद्यालय बाहर, संपूर्णानंद विवि के कुलपति ने जताई आपत्ति

Thu, 03 Feb 2022 03:19 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सेना भर्ती में संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री की मान्यता के मामले में वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने सेना भर्ती महानिदेशालय को पत्र लिखा है।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना में भर्ती की सूची से देश भर के संस्कृत विश्वविद्यालयों को बाहर कर दिया गया है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय समेत बीएचयू का संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय भी नई सूची से बाहर हो गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद वाराणसी स्थित संपूर्णानंद  संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने इस पर आपत्ति जताई है।

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उन्होंने इस मामले में भर्ती बोर्ड के सेना महानिदेशक को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया है। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि भर्ती महानिदेशालय सेना भर्ती बी (ए) रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय से पिछले दिनों योग्यता निर्धारण की सूची जारी की गई थी। इसमें संस्कृत विश्वविद्यालयों के नाम नहीं है।

अध्यादेश में संशोधन करने की मांग
सेना ने अपनी सूची में बेंगलूरू, चेन्नई, दानापुर, जबलपुर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, शिलांग, जीआरडी कुनराघाट नेपाल, दिल्ली, कैंट जोन के माध्यमिक विद्यालयों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि यहां के संस्कृत महाविद्यालयों को माध्यमिक स्तर की मान्यता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से ही दी जाती है।
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इस मामले में सेना भर्ती बोर्ड के महानिदेशक को पत्र भेजा गया है और उनको अपने अध्यादेश में संशोधन करने की मांग रखी गई है। इसमें सभी संस्कृत विश्वविद्यालय सहित बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय की शास्त्री की उपाधि को भी विज्ञापन में शामिल करने की बात कही गई है।
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देश में 18 संस्कृत विश्वविद्यालय

वर्तमान में देश में 18 संस्कृत विश्वविद्यालय और 25 आदर्श संस्कृत महाविद्यालय हैं। धर्मगुरु विज्ञापन में संशोधन कराने के लिए देश भर के संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर चर्चा की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।

इस मसले पर संस्कृत विश्वविद्यालय संघ के संयोजक एवं पाणिनी वैदिक संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. विजय कुमार मेनन से वार्ता हुई है। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि शीघ्र समय लेकर दोबारा रक्षामंत्री डॉ. राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बात रखी जाएगी।
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