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संकटमोचन संगीत समारोहः बांसुरी और पखावज ने समापन को पहुंचाया शीर्ष पर

Wed, 11 Apr 2018 10:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बांसुरी वादक प्रवीण गोडखिंडी - फोटो : अमर उजाला
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संकटमोचन संगीत महाकुंभ का अंतिम चरण पखावज, बांसुरी को समर्पित रहा। डा. वेंकटेश्वर राव के पखावज ने संकट मोचन संगीत समारोह को शीर्ष प्रदान किया जबकि बांसुरी वादक प्रवीण गोडखिंडी ने जो मधुरता की तान छेड़ी वो सभी के मन में भोर तक तारी रही।
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बांसुरी और पखावज की खुमारी में दर्शक डूबते उतराते रहे। छठवीं निशा के दूसरे चरण के डा. वेंकटेश्वर राव का अद्भुत पखावज वादन सभी को लुभा गया। पखावज वादन के दौरान कई बार ऐसा समां बंधा कि दर्शक ताल पर सम्मोहित से हो गए।

इसके बाद मंचासीन हुए बेंगलुरु से आए बांसुरी वादक प्रवीण गोडखिंडी ने अद्भुत प्रदर्शन करते हुए श्रोताओं के मन मस्तिष्क पर मधुर स्वरों का सम्मोहन बिखेर दिया। प्रवीण ने बांसुरी वादन की शुरुआत अहीर ललित में आलापचारी से की।
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जोड़ और झाला बजाने के दौरान जिस निपुणता के साथ उन्होंने मुर्की और खटका का प्रयोग किया वह काबिले तारीफ था। मध्यलय में रूपक ताल और तीन ताल में टुकड़े और बंदिशें बजाने के बाद उन्होंने राग मिश्र पहाड़ी में धुन बजाकर बांसुरी वादन को विराम दिया। 
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पारंपरिक तबले की झलक देखने को मिली

विदुषी गायिका कंकणा बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
इस निशा को विदुषी कंकणा बनर्जी ने अपनी गायकी से सजाया। संकट मोचन संगीत समारोह की पहली महिला गायिका होने का गौरव रखने वाली कंगना बनर्जी ने भोर में चार बजे राग रामकली के सुर लगाए। उन्होंने जगत सपना कापर करत गुमान बावरे की बंदिशें गुनगुनाईं।

संकट मोचन भगवान की मंगला आरती के बाद गायन के अगले चरण में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के भजन के बाद मीरा का भजन पायो जी मैंने राम रतन धन पायो से अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

संकट मोचन संगीत समारोह के छठी निशा की आखिरी प्रस्तुति सूर्योदय के बाद लेकर आए संजू सहाय, दिलीप सहाय और किशोर मिश्र, हरमोनियम पर पंडित धर्म नाथ मिश्र ने संगत की। बनारस घराने के खास टुकड़ों और परन के अलावा पारंपरिक तबले की झलक उनकी प्रस्तुति के दौरान देखने को मिली।

इससे पूर्व विख्यात सितार वादक देबू चौधरी के पुत्र प्रतीक चौधरी ने सितार वादन किया है। राग झिंझोटी में से उन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत की। संगीत समारोह का संचालन पंडित हरिराम द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतिभा सिन्हा एवं सौरभ चक्रवर्ती ने किया।
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