Varanasi News: वाराणसी जिले में संकट मोचन संगीत समारोह का आयोजन छह से 11 अप्रैल तक होगा। इसमें 11 पद्म अवॉर्डी कलाकार प्रस्तुति देंगे। वहीं भजन सम्राट अनूप जलोटा की नौ अप्रैल को चौथी प्रस्तुति होगी। लोक गायिका मालिनी अवस्थी पहले दिन पांचवीं प्रस्तुति देंगी।
103वां संकट मोचन संगीत समारोह छह से 11 अप्रैल तक मंदिर परिसर में होगा। ग्वालियर, मुरादाबाद, किराना आदि घरानों के 13 मुस्लिम संगीतज्ञ भी अपने शास्त्रीय गायन, सारंगी, तबले और सरोद आदि से भगवान हनुमान की रात्रि आराधना करेंगे। कलाकारों में 11 पद्म अवॉर्डी होंगे। भजन सम्राट अनूप जलोटा की नौ अप्रैल को चौथी प्रस्तुति होगी। लोक गायिका मालिनी अवस्थी पहले दिन छह अप्रैल को पांचवीं प्रस्तुति देंगी।
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वहीं, पं. शिवमणि दूसरे दिन पहली प्रस्तुति देंगे। संकट मोचन संगीत समारोह का शुभारंभ छह अप्रैल को रूपवाणी संस्था की ओर से चित्रकूट नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से होगा और समारोह का समापन 11 अप्रैल को पं. साजन मिश्र की अंतिम प्रस्तुति से होगा। तुलसी घाट पर पत्रकारों ये जानकारी संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने दी।
उन्होंने आग्रह किया कि एक मंदिर ऐसा रहने दिया जाए जिसमें सभी धर्मों और विचारों के लोगों को आने की अनुमति हो। नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल के निर्देशन में चित्रकूट नृत्य नाटिका का मंचन होगा। यह समारोह रोज शाम 7:30 बजे से सूर्योदय तक संकट मोचन मंदिर के प्रांगण में आयोजित होगा।
वर्ष 2014 में पाकिस्तान के गुलाम अली के संकटमोचन संगीत समारोह में आने से पहले विरोध हुआ था। लेकिन, उन्होंने इस महोत्सव में दो बार प्रस्तुतियां दी हैं। वहीं, संकट मोचन मंदिर में पहली बार मुस्लिम कलाकारों का प्रवेश वर्ष 2006 के बाद हुआ। उस साल मंदिर में बम विस्फोट के बाद गंगा-जमुनी तहजीब संस्कृति को प्रस्तुत करने के लिए संकट मोचन मंदिर के पूर्व महंत प्रो. वीरभद्र मिश्र ने प्रवेश दिया।
रामायण गाने आएंगी कई मंडलियां
संगीत समारोह से पहले दो से पांच अप्रैल तक मंदिर में संकटमोचन हनुमान की जयंती पर भव्य रामायण सम्मेलन होगा। साथ ही कई शहरों से प्रसिद्ध रामायण मंडलियां और मानस के वक्ता शामिल होंगे। अधिवेशन में अखिल ब्रह्मांडनायक सीताराम महाराज सभापति के आसन को सुशोभित करेंगे। दो अप्रैल को सुबह 6 से 9 बजे तक श्री हनुमान जी की पूजन-आरती और झांकी निकलेगी। 9 बजे से श्री रामायण जी की पूजन-आरती और मानस का पाठ होगा। शाम को भजन और रामायण मंडलियों द्वारा पूरी रात अखंड गान होगा। 3 से 5 अप्रैल तक शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक केवल श्रीरामचरितमानस पर प्रवचन होगा।
ये हैं 13 मुख्य मुस्लिम कलाकार
गायन में उस्ताद गुलाम अब्बास खां, उस्ताद मसकूर अली खां और आरिफ खां। खुर्रम अली नियाजी, नरगाम अकरम खां, उस्ताद गुलाम खां, उस्ताद अकरम खां और बिलाल खां सोनावी तबलावादक के तौर पर मंदिर में प्रस्तुतियां देंगे। सितार में उस्ताद शाकिर खां और मेहताब अली नियाजी, सरोद में शिराज अली खां और सारंगी में उस्ताद मुराद अली खां और अमान खां प्रस्तुतियां देंगे।